तंत्र-मंत्र के जरिए असीम शक्तियां पाने के चक्कर में एक शख्स ने अपना ही मर्डर करा लिया। जिस दोस्त से उसने वारदात को अंजाम दिलाया उससे अपनी मौत के पहले बड़े यकीन के साथ कहा था- तुम मेरा सिर धड़ से अलग कर देना। मैं फिर से तुमको जिंदा होकर मिलूंगा। मरने वाले की पहचान आशीष दीक्षित के रूप में हुई है। वह छह महीने पहले (खबर लिखे जाने से पहले) नीतीश सैनी नाम के युवक के संपर्क में आया था। दोनों की भेंट गंगा स्नान के दौरान हुई थी। इस बीच, सैनी ने दीक्षित से दावा किया था कि उसका जीवन बदल जाएगा और भविष्य में परिस्थितियां बेहतर हो जाएंगी।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
आशीष उसकी बातों में आ गया और उसी के साथ रहने लगा। हैरत की बात है कि इस दौरान सैनी का सारा खर्च आशीष ही उठाता था और वे बाद में फिर मिले और साथ रहने लगे। दीक्षित ने एक रोज उससे कहा- मुझे सिद्धि पानी है। मैं फिर से जिंदा हो जाऊंगा...जिंदगी बदल दूंगा।
उसने दोस्त से कहा था- तुम मुझे लिटाना, मेरे शरीर में हलचल न दिखे तो चापड़ से मेरी गर्दन को अलग कर देना। जो खून निकलेगा, उसे माथे पर लगाकर अभिषेक करना...। जब ये सारी चीजें हो जाएं, तब तुम तंत्र-मंत्र के दौरान इस्तेमाल किया गया सारा सामान गंगा गिनारे गाड़ देना। मैं एक घंटे बाद आकर तुमसे मिलूंगा। अगर न आऊं तो कामाख्या मंदिर के पास जिंदा हो हरिद्वार में फिर भेंट करूंगा।
दीक्षित के कहने पर ये सब दोस्त ने करने से पहले शराब पी। दवा खाई और फिर सिर को धड़ से अलग कर दिया था। 10 दिसंबर, 2022 को दीक्षित की सिरकटी लाश मिली
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गधीगांव के पास हाईवे किनारे मिली थी, जबकि दोनों की सबसे पहली भेंट इससे छह महीने पहले उत्तराखंड के हरिद्वार में हुई थी। पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से केस की जांच की और फिर नीतीश को अरेस्ट कर जेल भेज दिया।
