पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद TMC और ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है। राज्य में उनके 58 विधायक उनसे अलग गुट बना चुके हैं और उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है। यही नहीं विधानसभा अध्यक्ष ने भी बागी गुट को मुख्य विपक्ष मान लिया है और ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष (LoP) बनाया है। एक के बाद एक TMC के नेता और उनके कार्यकर्ता पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं। पार्टी के कई सांसदों के भी 'दीदी' का साथ छोड़ने की खबर है। इस बीच आज यानी बुधवार 10 जून को TMC सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय भी राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। इस बीच ममता बनर्जी, उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी व TMC के भविष्य को लेकर भी अटकलें लगने लगी हैं।
ममता बनर्जी को पूर्व सहयोगी की सलाह, पार्टी का कांग्रेस में विलय करा दें
TMC में मची भगदड़ के बीच पार्टी से निष्कासित पूर्व नेता रिजु दत्ता का कहना है कि ममता बनर्जी के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने तो पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाह दी है कि वह अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करा दें, उनके पास सिर्फ यही रास्ता बचा है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि आज के हालात में उनके लिए कहीं कोई जगह नहीं है।
TMC ने रिजु दत्ता को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला
गौरतलब है कि रिजु दत्ता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अक्सर बयान देते हैं। हाल ही में उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य में ममता बनर्जी की सरकार के दौरान भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भी पैसे देने पड़ते थे। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रवक्ता रिजु दत्ता को 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था।
पार्टी से निलंबित होने के एक दिन बाद ही रविवार 10 मई को पत्रकारों से बातचीत में रिजु दत्ता ने सवाल उठाया कि आखिर राज्य में लोग भाजपा की चुनावी जीत के बाद खुलकर अपनी बात क्यों कह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि TMC ने कभी आत्ममंथन नहीं किया और जनता की नाराजगी को समझने की कोशिश नहीं की।
'TMC सरकार में हर काम के लिए लोगों को पैसा देना पड़ता था'
दत्ता ने आरोप लगाया कि घर में कमोड लगवाने से लेकर बिल्डिंग प्लान पास कराने तक लगभग हर काम के लिए लोगों से पैसे मांगे जाते थे। उन्होंने कहा कि ऐसा शायद ही कोई नागरिक कार्य होगा, जिसके लिए लोगों को भुगतान न करना पड़ता हो।
उन्होंने चर्चित स्कूल भर्ती घोटाले का भी जिक्र किया और कहा कि नौकरी चोरी के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था। दत्ता के अनुसार, जब भी उन्होंने पार्टी मंचों पर ऐसे मुद्दे उठाने की कोशिश की, उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
रिजु दत्ता ने भाजपा नेतृत्व की तारीफ की
इससे पहले सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने भाजपा नेताओं को धन्यवाद दिया था। दत्ता ने दावा किया कि भाजपा नेतृत्व ने उन्हें बिना डर के राजनीति जारी रखने और उनके परिवार की सुरक्षा का भरोसा दिया। उन्होंने भाजपा विधायक रितेश तिवारी का भी उल्लेख किया और कहा कि टीएमसी के कई नेता भाजपा में शामिल होने के इच्छुक हैं।
रिजु दत्ता ने कहा कि उन्होंने 13 साल तक पार्टी के लिए काम किया और मेहनत के दम पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उनका जवाब पढ़े बिना ही निलंबन का फैसला कर लिया था।
