Odisha Train Accident : देश में हुए सदी के सबसे बड़े रेल हादसे में अब तक 275 लोगों की मौत हो चुकी है। यही वजह है कि, इस मुद्दे पर अब सभी विपक्षी पार्टियों ने फ्रंटफुट पर आकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। जहां एक ओर ओडिशा रेल हादसे (Odisha Train Accident) पर जमकर सियासत और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है तो वहीं, अब कांग्रेस ने इसे आग को और भी ज्यादा भड़का दिया है। दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा और हादसे को बेहद गंभीर बताते हुए कहा- 'रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सुरक्षा के सभी खोखले दावे अब बेनकाब हो गए हैं और सरकार को इसके असली कारणों को सामने लाना चाहिए।' बता दें कि, बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस, जिसमें लगभग 2,500 यात्री सवार थे और शुक्रवार को एक मालगाड़ी के बीच हुई दुर्घटना में 275 लोगों की मौत हो गई और 1,100 से अधिक घायल हो गए थे।
मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।
CBI जांच पर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीबीआई जांच की मांग पर आपत्ति जताते हुए है कि, कानून प्रवर्तन एजेंसी अपराधों की जांच करने के लिए हैं न कि रेल दुर्घटनाओं के लिए। पीएम मोदी और रेल मंत्री वैष्णव पर निशाना साधते हुए वे बोले कि, 'आप खुद और रेल मंत्री वैष्णव यह स्वीकार नहीं करना चाहते कि समस्याएं हैं। रेल मंत्री का दावा है कि उन्हें पहले ही एक मूल कारण मिल गया है, लेकिन फिर भी उन्होंने सीबीआई से जांच करने का अनुरोध किया है। सीबीआई या कोई अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी, तकनीकी के लिए जवाबदेही तय नहीं कर सकती है।'
'खतरों को नज़रअंदाज क्यों किया ?'
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर सवाल उठाते हुए पत्र में लिखा है कि, आठ फरवरी 2023 को मैसूर में हुए हादसे के बाद दक्षिण-पश्चिम जोनल रेलवे के अधिकारी ने रेलवे के सिग्नल सिस्टम को ठीक करने की आवश्यकता बताई थी, लेकिन उस चेतावनी को रेल मंत्रालय ने गंभीरता से न लेते हुए नज़रअंदाज क्यों किया ? उन्होंने कहा है कि रेलवे सुरक्षा, सिग्नलिंग और रखरखाव प्रथाओं में तकनीकी विशेषज्ञता की कमी है और इसी वजह से हादसे हो रहे हैं। कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि रेलवे की सुरक्षा में इस गिरावट को लेकर आम यात्रियों में गंभीर चिंता है, उन्होंने कहा इन सभी बातों को आम यात्रियों में काफी चिंता है इसलिए, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस गंभीर दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाए और उसे सामने लाए।
CAG रिपोर्ट का किया उल्लेख
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पत्र में CAG रिपोर्ट के हवाला देते हुए कहा कि, नवीनतम रिपोर्ट में में इस बात का विशेष उल्लेख है कि कैसे 2017-18 और 2020-21 के बीच 10 में से सात रेल दुर्घटनाएं पटरी से उतरने के कारण हुईं, लेकिन इसे गलती से नज़रअंदाज़ कर दिया गया। वे बोले कि, ओडिशा के बालासोर में विनाशकारी ट्रेन दुर्घटना, भारतीय इतिहास में सबसे खराब दुर्घटनाओं में से एक है। दु:ख की इस घड़ी में देश एकजुट है। हालांकि इतने कीमती जीवन के नुकसान ने हर भारतीय की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। इन जीवन की क्षति अपूरणीय है और कोई भी मुआवजा इसकी भरपाई नहीं कर सकता है।
'रेलवे के साथ सौतेला व्यवहार'
खड़गे ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र में कहा है कि, 'परिवहन के क्षेत्र में तमाम क्रांतिकारी कदमों के बावजूद भारतीय रेल अब भी हर आम भारतीय की जीवन रेखा है। यह न केवल सबसे विश्वसनीय है, बल्कि परिवहन का सबसे किफायती तरीका भी है। रेलवे एक दिन में ऑस्ट्रेलिया की कुल जनसंख्या के बराबर यात्रियों को यात्रा कराता है, लेकिन मैं खेद के साथ कहता हूं कि रेलवे को बुनियादी स्तर पर मजबूत करने की बजाय सुर्खियों में बने रहने के लिए मामूली बदलाव कर सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।' वहीं, उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि, लगातार त्रुटिपूर्ण निर्णय लेने से रेल यात्रा असुरक्षित हो गई है और बदले में हमारे लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं।
