मुंबई ट्रेन धमाकों के 12 आरोपियों की रिहाई के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने दी ये 9 दलीलें, सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई

11 जुलाई, 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 187 लोग मारे गए थे। इन धमाकों में 2008 के आतंकवादी हमलों से भी ज्यादा लोग मारे गए थे और 824 लोग घायल हुए थे, जो भारत के अब तक के सबसे भीषण हमलों में से एक है।

Release Of Accused of 2006 Mumbai Train Blasts: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई ब्लास्ट के आरोपियों की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करेगा। महाराष्ट्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की थी। रिहाई के इस आदेश के बाद से लगातार यह सवाल खड़े हो रहे थे कि आखिर इन धमाकों और बेगुनाहों की मौत के पीछे असली आरोपी कौन है?

Mumbai train blast

2006 का मुंबई ट्रेन ब्लास्ट (PTI)

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सभी 12 दोषियों को किया बरी

11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए बम धमाकों में 187 लोग मारे गए थे और 824 घायल हुए थे। ट्रायल कोर्ट ने 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जिनमें से 5 को फांसी की सजा दी गई थी। लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने सबूतों को नाकाफी मानते हुए सभी को बरी कर दिया, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। टाइम्स नाउ नवभारत के पास महाराष्ट्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका से जुड़ी एक्सक्लूसिव जानकारी है। इस याचिका में मुंबई हाई कोर्ट के आदेश को कानूनी आधारों पर चुनौती दी गई है।

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