मुंबई में उत्तर भारतीयों से जुड़े हुए एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने बीजेपी और शिंदे गुट पर जमकर हमला किया। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिसको हमारे पिताजी ने आसरा दिया था, आज वो मालिक बनने चले हैं।
मैं कांग्रेस के साथ नहीं गया था, आप लोगों ने मुझे धकेला- उद्धव ठाकरे
हिंदी में संबोधन
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने अपना स्पीच हिंदी में ही दिया। उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन ने मेरा धनुष बाण छीन लिया है लेकिन अब प्रभु राम चन्द्र मेरे साथ आ गए हैं। मैंने कल चुनौती दी है कि अगर हिम्मत है तो मेरा धनुष बाण लेकर मेरे सामने आएं, मैं मशाल लेकर उसका जवाब दूंगा।
'कहां थी बीजेपी'
ठाकरे ने कहा- "मेरा हिंदुत्व उनकी तरह नहीं है। मेरा हिंदुत्व उनसे अलग हैं, उनका हिंदुत्व आपस में लड़ाने का है। उनके साथ जो हैं वो हिन्दू हैं, जो उनके साथ नही हैं वो हिन्दू नही हैं। दुख इस बात का होता है जब 1992 में हमारे नेता मुम्बई को बचा रहे थे तब ये लोग कहा थे। उस वक़्त जिन लोगों ने मुम्बई को बचाया वो आपकी नजर में आज गुनहगार था।"
खाई कसम
आगे कांग्रेस के साथ सरकार बनाने पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि वो कांग्रेस के साथ नहीं गए थे, बीजेपी ने अंतिम समय में गठबंधन तोड़ा था। उन्होंने कहा- "मैं कांग्रेस के साथ नही गया था आप लोगों ने मुझे धकेला। अंतिम समय पर हमारे साथ उन्होंने गठबंधन तोड़ा था। मां और पिता की कसम खाकर में कह रहा हूं कि अमित शाह ने सच में हमसे कहा था। मैंने अपने पिता से वादा किया था कि एक दिन शिवसेना का मुख्यमंत्री आएगा। उनके पोस्टर पर भी बालासाहेब की तस्वीर थी।"
कर्तव्य को किया याद
अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनका कर्तव्य सिर्फ मुम्बई बचाना नहीं है। उनका कर्तव्य इस देश को बचाना है। उन्होंने कहा- "शतरंज में भी नियम होते हैं कि घोड़ा कैसा चलना चाहिए, हाथी कैसा चलना चाहिए लेकिन यहां कोई नियम नहीं है। कोई भी कैसे भी चल रहा है। जो हिन्दू नींद से जागे हैं उनपर धूल फेंकने काम करते हैं।
