Maharashtra Assembly Polls: शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी महा विकास आघाडी (MVA) में सीट बंटवारे को लेकर देरी के लिए बुधवार को कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि गठबंधन के घटक शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) एवं कुछ छोटे क्षेत्रीय दल बुधवार को मुंबई में बैठक करेंगे और सीट बंटवारे में आ रही समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेंगे।
संजय राउत
लगातार तीन दिन होगी सीटों पर चर्चा
महाराष्ट्र विधानसभा के लिए इस साल के नवंबर में चुनाव होने की उम्मीद है। राउत ने कहा, कांग्रेस इन दिनों व्यस्त है लेकिन इसके बावजूद हमने उन्हें बुलाया है ताकि इसे (सीट बंटवारे पर बातचीत) समाप्त किया जा सके। वे बहुत व्यस्त हैं इसलिए तारीख पर तारीख दे रहे हैं। इसलिए हमने फैसला किया है कि अगले तीन दिन में हम साथ बैठेंगे।
राउत ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस, शिवसेना(यूबीटी) और राकांपा (एसपी) के नेता सीट बंटवारे पर बुधवार से शुक्रवार के बीच बातचीत करेंगे। उन्होंने दावा किया कि मुंबई की सीट को लेकर बातचीत लगभग संपन्न हो चुकी है लेकिन हमें क्षेत्रवार चर्चा करने की जरूरत है क्योंकि महाराष्ट्र बड़ा राज्य है।
राउत का दावा, हमारे वोट कांग्रेस-एनसीपी को मिले
संजय राउत ने कहा कि एमवीए सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत 18 से 20 सितंबर तक होगी। बैठक लगातार तीन दिनों तक होगी। कौन सी पार्टी कौन सी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसका फॉर्मूला तय किया जाएगा और यह अंतिम होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीटें तय करने का मानदंड जीतने की क्षमता पर आधारित होगा। इस साल के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और राकांपा (सपा) द्वारा शिवसेना से अधिक स्ट्राइक रेट हासिल करने के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि उनकी पार्टी के वोट इन दोनों पार्टियों को बड़े पैमाने पर स्थानांतरित हुए थे।
कोल्हापुर, अमरावती और रामटेक, जिन सीटों पर शिवसेना (यूबीटी) पारंपरिक रूप से चुनाव लड़ती रही है, उन्हें कांग्रेस को सौंप दिया गया। राउत ने कहा कि अगर ये सीटें शिवसेना के पास होतीं, तो वह निश्चित रूप से उन पर जीत हासिल करती।
नवंबर के मध्य में हो सकते हैं चुनाव
बता दें कि राज्य में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव नवंबर के मध्य के आसपास होने की उम्मीद है। लोकसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र में नंबर एक पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने 120-130 सीटों पर जोर दिया है। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने 90-100 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया है, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के 75-80 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है।
