महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवाड में एच3एन2 का कहर देखने को मिला है। गुरुवार (16 फरवरी) को वहां पर इस वायरस की वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई है। मृतक की उम्र 73 साल थी और वह पिछले कुछ रोज से बीमार चल रहे थे।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
मृतक का इलाज पीसीएमसी के यशवंत राव चव्हाण मेडिकल हॉस्पिटल में चल रहा था। डॉक्टर्स ने इस बारे में कहा कि मृतक को-मोर्बिडिटी (विभिन्न गंभीर बीमारियां) से पीड़ित थे।
पिंपरी-चिंचवाड औद्योगिक नगर है, जो कि पुणे शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर है। यह सूबे में अपने ऑटोमोटिव, आईटी और मैन्यूफैक्चरिंग उद्योग के लिए जाना जाता है।
वैसे, राज्य में इन्फ्लूएंजा की वजह से होने वाली यह पहली मौत नहीं है। बुधवार (15 मार्च, 2023) को वहां के स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने विधानसभा को जानकारी दी कि राज्य में इन्फ्लूएंजा के कारण दो लोगों की मौत होने की आशंका है।
उन्होंने आगे बताया था कि इन लोगों में से एक 74 साल के व्यक्ति की मौत एच3एन2 उप-प्रकार से हुई, जबकि दूसरे केस में पीड़ित कोरोना वायरस के साथ इन्फ्लूएंजा वायरस से संक्रमित था।
सावंत के मुताबिक, "सूबे में इन्फ्लूएंजा के 361 केस आने के बाद राज्य के हेल्थ सिस्टम को अलर्ट पर रखा गया है और अगले दो दिनों में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।" उन्होंने इस दौरान भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क के इस्तेमाल और सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने की भी सलाह दी थी।
उधर, एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा था दो मृतकों में से एक 23 वर्षीय एमबीबीएस छात्र की मौत कोरोना वायरस और एच3एन2 के मिले-जुले संक्रमण के चलते हुई।
वहीं, मध्य प्रदेश के मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर विश्वास सारंग ने गुरुवार रात जानकारी दी कि सूबे की राजधानी भोपाल में H3N2 का पहला केस सामने आया है। मरीज घर पर आइसोलेट कर दिया गया है।
एच3एन2 की वजह से हिंदुस्तान में पहली मौत एक मार्च को गई थी और तब कर्नाटक में 82 साल के एक बुजुर्ग की जान चली गई थी। वह भी डायबिटीज और हायपरटेंशन सरीखी को-मोर्बिडिटिज़ से पीड़ित थे। बता दें कि इन्फ्लुएंजा दो प्रकार के वायरस (एच1एन1 और एच3एन2) की वजह से होता है।
