MP News: रानी दुर्गावती की वीरता और बलिदान गाथा को जन-जन तक पहुँचाने गौरव यात्रा 22 से 27 जून तक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 20, 2023, 06:46 PM IST

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 जून को बालाघाट में रानी दुर्गावती की वीरता और बलिदान गाथा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए 6 दिवसीय गौरव यात्रा का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 27 जून को शहडोल में गौरव यात्रा का समापन करेंगे।

Rani Durgavatis Valor And Sacrifice: रानी दुर्गावती की गौरव यात्रा 5 विभिन्न जिलों बालाघाट, छिन्दवाडा़, दमोह के सिंगरामपुर, उ.प्र. के कलिंजर फोर्ट, सीधी के धौहनी से 22 जून को प्रारंभ होकर 27 जून को शहडोल पहुँचेगी। बालाघाट से यह यात्रा बैहर, बिछिया, डिंडोरी, पुष्पराजगढ़, अनूपपुर, जैतपुर होते हुए 27 जून को शहडोल पहुँचेगी। छिन्दवाड़ा से गौरव यात्रा चौरई, सिवनी, क्योलारी, लखनादौन, मंडला, शहपुरा, उमरिया, पाली मानपुर होते हुए शहडोल पहुँचेगी। सिंगरामपुर (जबेरा दमोह) से गौरव यात्रा जबेरा, मझोली (पाटन), सिहोरा शहर, जबलपुर शहर, बरगी समाधि (पनागर विधानसभा) कुंडम (सीहोरा विधानसभा), शहपुरा (डिंडोरी जिला), बिरसिंगपुर पाली होते हुए शहडोल पहुँचेगी।

कलिंजर फोर्ट (उ.प्र.) जन्म स्थान से कलिंजर, अजयगढ़, पवई, बडवारा, विजयरावगढ़, अमरपुर, मानपुर होते हुए शहडोल पहुँचेगी। सीधी की धौहनी से कुसमी, ब्यौहारी, जय सिंह नगर होते हुए शहडोल पहुँचेगी, रानी दुर्गावती ने गोंडवाना राज्य की शासक बनकर 15 सालों तक वीरतापूर्वक शासन किया था। उन्होंने अपने शासनकाल में लगभग 50 युद्धों में शत्रुओं को पराजित किया। रानी दुर्गावती ने 3 बार मुगलों को भी हराया उनका संपूर्ण जीवन कुशल शासक और वीर योद्धा के रूप में इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में वर्णित है।

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