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यात्री के सिर से भारी सामान गिरने की वजह से मची थी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़, रेल मंत्री ने बताया

रेल मंत्री वैष्णव ने संसद में कहा, एक यात्री के सिर पर से भारी सामान गिर गया और उसका दबाव प्लेटफार्म 14/15 की सीढ़ियों पर पड़ा, जिससे यात्री लड़खड़ा गए। उन्होंने बताया कि अब क्या-क्या इंतजाम किए जा रहे हैं।

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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की वजह आई सामने (PTI)

New Delhi Railway Station Stampede: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संसद को बताया कि फरवरी 2025 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर क्यों भगदड़ मची थी। वैष्णव ने बताया कि एक यात्री के सिर पर से एक भारी सामान गिरने की वजह से भगदड़ मच गई थी, जिसमें चार बच्चों और 11 महिलाओं सहित 18 लोगों की मौत हो गई थी। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि एक उच्च-स्तरीय जांच समिति ने 15 फरवरी को हुई इस त्रासदी का मुख्य कारण एक यात्री के सिर पर सामान का गिरना बताया है।

यात्री के सिर पर से भारी सामान गिरा

यह भगदड़ रात 9:15-9:30 बजे के आसपास प्लेटफार्म 14 और 15 को जोड़ने वाली सीढ़ियों पर हुई, जब प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान बिहार जाने वाली ट्रेनों के लिए हज़ारों लोग स्टेशन पर जमा हुए थे। वैष्णव ने संसद में कहा, एक यात्री के सिर पर से भारी सामान गिर गया और उसका दबाव प्लेटफार्म 14/15 की सीढ़ियों पर पड़ा, जिससे यात्री लड़खड़ा गए। यह घटना रात 8.48 बजे फुटओवर ब्रिज 3 पर हुई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों की मौत दम घुटने से हुई। समिति ने पाया कि भीड़ प्रबंधन के पर्याप्त उपाय तो थे, लेकिन रात 8.15 बजे के बाद फुटओवर ब्रिज पर यात्रियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ गई थी। समिति ने पाया कि घातक दुर्घटना से पहले कई यात्री भारी बोझ ढो रहे थे, जिससे 25 फुट चौड़े संकरे पैदल पुल पर सुचारू आवाजाही बाधित हो रही थी। यह त्रासदी मुंबई के एलफिंस्टन रोड भगदड़ (2017) के बाद से सबसे घातक रेलवे स्टेशन की घटना थी। एलफिंस्टन रोड भगदड़ में 23 लोग मारे गए थे।

क्या-क्या इंतजाम होंगे?

रेल मंत्री ने संसद को बताया कि इसी तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए, भारतीय रेलवे उन 73 स्टेशनों पर व्यापक भीड़ प्रबंधन उपाय लागू करेगा, जहां समय-समय पर यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। 2024 के त्यौहारी सीजन के दौरान की गई अस्थायी व्यवस्था के आधार पर इन स्टेशनों के बाहर स्थायी होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। नई दिल्ली, आनंद विहार, वाराणसी, अयोध्या और गाजियाबाद में पायलट प्रोजेक्ट पहले से ही चल रहे हैं। वैष्णव ने कहा कि यात्रियों को केवल ट्रेनों के आने पर ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी, जिससे स्टेशन क्षेत्रों में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।

रेलवे 73 चिन्हित स्टेशनों पर पूर्ण प्रवेश नियंत्रण लागू करेगा। कन्फर्म आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंच मिलेगी, जबकि बिना टिकट या प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को निर्धारित बाहरी क्षेत्रों में प्रतीक्षा करनी होगी। सभी अनधिकृत प्रवेश बिंदुओं को सील कर दिया जाएगा। नए फुट-ओवर-ब्रिज डिजाइन 12 मीटर चौड़े और 6 मीटर चौड़े—सभी स्टेशनों पर मौजूदा संकरी संरचनाओं की जगह लेंगे। रैंप वाले ये चौड़े पुल हाल ही में हुए महाकुंभ उत्सव के दौरान कारगर साबित हुए।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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