लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे संसद की कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए। स्पीकर ने साफ कहा कि सदन की कार्यवाही नियम और प्रक्रियाओं के अनुसार चलेगी और बिना नोटिस के किसी अन्य मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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दरअसल, राहुल गांधी ने देश में गैस की स्थिति और एलपीजी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था। लेकिन जब उन्हें बोलने का मौका मिला तो उन्होंने एलपीजी और ऊर्जा संकट के बजाय केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से जुड़े आरोपों का जिक्र करना शुरू कर दिया। इस पर स्पीकर ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जिस विषय पर नोटिस दिया गया है, उसी पर चर्चा की जानी चाहिए।
राहुल गांधी की टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखी आपत्ति जताई। इसके बाद स्पीकर ने संबंधित टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया। इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन में खड़े होकर आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है। हालांकि, जैसे ही पुरी ने जवाब देना शुरू किया, राहुल गांधी सदन से बाहर चले गए। थोड़ी देर बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी सदन से बाहर निकल गईं।
घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद वेल में पहुंच गए और हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामे के कारण कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। सत्ता पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बीजेपी नेताओं का कहना है कि बिना नोटिस के इस तरह के आरोप लगाना संसद की गरिमा के खिलाफ है।
राहुल गांधी के आरोप, स्पीकर की नाराजगी और सत्ता पक्ष की कार्रवाई की मांग के बीच संसद का माहौल पूरी तरह गरमा गया। सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में भी संसद में हंगामे की संभावना बनी हुई है।
