साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भले ही करीब तीन माह का समय बचा हो, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की निगाहें अब उन्हीं पर हैं। आम चुनाव के लिए दोनों लंबे समय से अपनी स्ट्रैटेजी से जुड़ी स्क्रिप्ट लिख रहे हैं, जबकि अब धीमे-धीमे वे उसी के तहत बिसात भी बिछाने लगे हैं। शुक्रवार (23 दिसंबर, 2023) को इसी कड़ी में पीएम ने भाजपा के केंद्रीय कार्यालय विस्तार में अपनी पार्टी के पदाधिकारियों की दो दिवसीय 'राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक' में संबोधित करते हुए चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर कई अहम निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल)
समाचार एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मोदी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें दूसरों के नेगेटिव नैरेटिव में उलझने की बजाय हर भारतीय का विश्वास जीतने पर फोकस करना चाहिए। यहां पीएम का इशारा साफ तौर पर विपक्षी नेताओं की ओर से की जाने वाली राजनीति की तरफ था। उन्होंने आगामी इलेक्शन में 10 प्रतिशत वोट बढ़ाने के लिए बूथ स्तर तक काम करने की सलाह देते हुए बैठक में पार्टी नेताओं को गरीब, किसान, युवाओं और महिलाओं पर ज्यादा से ज्यादा फोकस करने को भी कहा।
पीएम ने मीटिंग के दौरान "मोदी गारंटी" और मोदी की गारंटी वाली गाड़ी का उल्लेख करते हुए जनता के विश्वास से जुड़े कई नए नारों का जिक्र भी बैठक में किया। दो दिवसीय बैठक का शुभारंभ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मोदी की मौजूदगी में किया। नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ सभी प्रदेशों के प्रभारी व सह प्रभारी, सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और सभी राज्यों के प्रदेश संगठन महासचिव सहित पार्टी के सभी मोर्चो के अध्यक्ष भी शामिल हुए। इस अहम मीटिंग में भाजपा हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा भी हुई।
