दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अब मनीष सिसोदिया कथित आबकारी घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग में अपनी जमानत याचिका खारिज करने के राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। मनीष सिसोदिया को ईडी ने 9 मार्च को मामले में गिरफ्तार किया था।
मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज
मनीष सिसोदिया को कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ शुरू किए गए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष सीबीआई जज एमके नागपाल ने 18 अप्रैल को इसे सुरक्षित रखने के बाद आज आदेश सुनाया। सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी को शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी उन्हें पहले जमानत नहीं मिली। ईडी ने सीबीआई के आधार पर अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज किए हैं।
यह आरोप लगाया गया है कि सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के अन्य सदस्यों ने रिश्वत के बदले कुछ व्यापारियों को शराब का लाइसेंस देने के लिए मिलीभगत की गई। आरोप यह है कि उत्पाद शुल्क नीति में बदलाव किया गया और लाभ मार्जिन को इस तरह से बदला गया जिससे कुछ व्यापारियों को लाभ हुआ और इसके बदले रिश्वत प्राप्त हुई।
दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना द्वारा दिल्ली के मुख्य सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश करने के बाद ईडी और सीबीआई ने कथित घोटाले के संबंध में मामले दर्ज किए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि सिसोदिया ने वैधानिक नियमों उल्लंघन किया और एक ऐसी नीति अधिसूचित की जिसके महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव पड़े।
हालांकि इस मामले के शुरू में सीबीआई की चार्जशीट में सिसोदिया का नाम नहीं था। सीबीआई ने मंगलवार को एक एडिशनल चार्जशीट दायर की जिसमें उन्हें मामले में आरोपी बनाया गया था। आप ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि सिसोदिया निर्दोष हैं।
