Liquor Scam Case: केजरीवाल ने ED आबकारी नीति मामले में ट्रायल कोर्ट के संज्ञान को दी चुनौती, कार्यवाही रद्द करने की मांग की

आप नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे हैं। शराब घोटाला मामले की जांच को लेकर याचिका दायर की है। केजरीवाल ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने और कार्यवाही रोकने के लिए अदालत के निर्देश की मांग कर रहे हैं।

Arvind Kejriwal: दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। केजरीवाल ने जिसमें मंजूरी की कमी का हवाला देते हुए आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अभियोजन शिकायतों पर संज्ञान लेने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। केजरीवाल ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने और कार्यवाही रोकने के लिए अदालत के निर्देश की मांग कर रहे हैं। याचिका पर कल सुनवाई होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, याचिका में तर्क दिया गया कि ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश ने आरोपित आदेश में याचिकाकर्ता के अभियोजन के लिए सीआरपीसी की धारा 197 (1) के तहत पूर्व मंजूरी प्राप्त किए बिना, पीएमएलए की धारा 4 के तहत दंडनीय पीएमएलए की धारा 3 के तहत अपराध का संज्ञान लेने में गलती की।

Arvind Kejriwal

केजरीवाल ने खटखटाया दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय से मांगा था जवाब

12 नवंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से AAP नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर याचिका के संबंध में जवाब मांगा, जिसमें कथित आबकारी घोटाले से संबंधित एजेंसी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में उन्हें जारी किए गए समन को चुनौती दी गई थी। अरविंद केजरीवाल वर्तमान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) दोनों मामलों में जमानत पर हैं, जो अब समाप्त हो चुकी आबकारी नीति से संबंधित हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, AAP नेताओं को लाभ पहुंचाने और कार्टेल गठन को बढ़ावा देने के लिए आबकारी नीति को जानबूझकर खामियों के साथ तैयार किया गया था।

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