ऑपरेशन सिंदूर की चोट से बौखलाया आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, मैदान में उतारी अपनी 'महिला टेरर स्क्वॉड'

लश्कर-ए-तैयबा ने हालिया नुकसान के बाद अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए एक “महिला टेरर विंग” को सक्रिय किया है। फैसलाबाद में आयोजित एक रैली में इस महिला स्क्वॉड को पहली बार सार्वजनिक रूप से देखा गया, जहां वे शीर्ष आतंकियों की सुरक्षा में तैनात थीं। रैली में तल्हा सईद समेत कई कमांडर मौजूद थे, और महिला दस्ते को कॉम्बैट गियर में देखा गया। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, महिलाओं का उपयोग सुरक्षा घेरों में सेंध लगाने और संभावित आत्मघाती हमलों के लिए किया जा सकता है।

'ऑपरेशन सिंदूर' में भारी नुकसान झेलने के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने अपनी रणनीति बदलते हुए अपनी 'महिला टेरर विंग' को दुनिया के सामने पेश कर दिया है। रविवार को पाकिस्तान के फैसलाबाद में आयोजित एक रैली के दौरान लश्कर की इस महिला स्क्वॉड को न केवल सार्वजनिक रूप से देखा गया, बल्कि ये आतंकी आकाओं की सुरक्षा में भी तैनात नजर आईं।

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लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने अपनी 'महिला टेरर विंग' को दुनिया के सामने पेश किया। AI IMAGE

हाफिज सईद के बेटे की सुरक्षा में तैनात महिला विंग

सूत्रों के मुताबिक, फैसलाबाद में हुई इस रैली को आतंकियों ने ‘सच की लड़ाई’ का नाम दिया था। मंच पर लश्कर के सरगना हाफिज सईद का बेटा तल्हा सईद और अन्य टॉप कमांडर मौजूद थे।

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