Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आज मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई। बैठक के बाद मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने मीडिया से बातचीत की। उन्होने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफा को मंजूर कर दिया गया। दोन चोरी नोटों की गिनती के दौरान हुआ। कृष्ण मोहन फिलहाल ट्रस्ट का काम देखेंगे। कृष्ण मोहन अभी मंदिर ट्रस्ट के सदस्य हैं। दान चोरी की घटना से हम सब आहत हैं।
चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन मंदिर का कामकाज देखेंगे। ANI
उन्होंने आगे कहा कि गोविंद देव ने बताया कि अब मंदिर का सारा काम कृष्ण मोहन देखेंगे। चंपत राय की ट्रस्ट में फिलहाल कोई भूमिका नहीं होगी। अनिल मिश्रा भी ट्रस्ट और मंदिर की व्यवस्था से दूर रखे जाएंगे। गोविंद देव गिरी ने कहा,"हमारा काम पूरी पारदर्शिता रखना है। हम 22 जुलाई को फिर से बैठेंगे। तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी। चोरी तो चोरी ही है, छिपे हुए अपराधी खोजे जाएंगे। एसआईटी अपना काम कर रही है।"
मंदिर की करीब 2,800 वस्तुओं का विधिवत पंजीकृत रिकॉर्ड मौजूद
उन्होंने कहा, "झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। यह प्रचार किया जा रहा है कि सिर्फ दानपात्र से चोरी नहीं हुई, बल्कि मंदिर की कई अन्य वस्तुएं भी गायब हैं। यह पूरी तरह गलत है। हमारे पास मंदिर की करीब 2,800 वस्तुओं का विधिवत पंजीकृत रिकॉर्ड मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक रूप से दिखाया जा सकता है। रामायण और चरण पादुकाओं जैसी वस्तुओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन उनका पूरा रिकॉर्ड हमारे पास सुरक्षित है। हम चार-पांच वस्तुओं का विवरण भी आपके सामने प्रस्तुत करेंगे।"
चढ़ावा चोरी लज्जाजनक: गोविंद देव गिरि
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने आगे कहा, "रामलला के विशाल मंदिर के आज एक असाधारण स्थिति बन गई। इसमें निर्णय लिया कि न्यास की बैठक 11 जुलाई वाली को 6 जुलाई को किया गया। कोरम पूरा रहा। अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास भी उपस्थित रहे। निर्मोही अखाड़े के संत दिनेंद्र जी महाराज भी थे। के परासरन भी ऑनलाइन थे। हमें दुख था कि जिसका सामना पूरे समाज को करना पड़ रहा है। चढ़ावा चोरी लज्जाजनक है।" बता दें कि मंदिर ट्रस्ट की बैठक करीब 3 घंटे तक चली।'दोषियों को मिलेगी सजा'
कृष्ण मोहन ने भी इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब तक नए महामंत्री की नियुक्ति नहीं होती है, उस समय तक मुझे महामंत्री का दायित्व का निर्वहन करने की जवाबदारी मिली है। इस जवाबदारी के निर्वहन करते समय मेरी कुछ प्राथमिकताएं होंगी। इस प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाएंगे, हमारा आग्रह रहेगा उन सभी को न्यायचित ढंग से जो भी उनको सजा मिले। इस प्रकरण में जो हुआ है उससे हम सभी आहत हैं। सभी को कष्ट हुआ है। राम भक्तों को कष्ट हुआ है।
'जहां-जहां व्यवस्थागत कमियां हैं, उसे ठीक किया जाएगा'
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां जरूर रह गई थीं, जिनका कुछ लोगों ने फायदा उठाया। उन्होंने कहा, "मेरी पहली प्राथमिकता उन सभी खामियों और लूपहोल्स की पहचान कर उन्हें पूरी तरह दूर करना होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो। जहां-जहां व्यवस्थागत कमियां हैं, उन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जाएगा और प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी तथा मजबूत बनाया जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा कि हाल की घटनाओं के कारण समाज में ट्रस्ट की छवि को नुकसान पहुंचा है और लोगों के मन में कुछ हद तक अविश्वास का भाव पैदा हुआ है। "हम सभी ट्रस्टी मिलकर इस धूमिल हुई छवि को फिर से मजबूत करने का प्रयास करेंगे। समाज का विश्वास बनाए रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, हम उन्हें पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ लागू करेंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।"
