कोलकाता रेप-मर्डर केस: ममता का ये कैसा फैसला, पुलिस-सरकार पर उठते सवालों के बीच आज खुद ही निकालेंगी विरोध मार्च

सीएम ममता ने जहां माकपा और भाजपा पर राज्य में अशांति पैदा करने के लिए तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया, वहीं राज्य में मुख्य विपक्षी दल ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की सुरक्षा और तोड़फोड़ को रोकने में विफल रहने के लिए राज्य प्रशासन को निशाने पर लिया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • कोलकाता रेप-मर्डर केस में सीबीआई जांच के बीच सियासी घमासान तेज होता जा रहा है
  • विपक्ष के हमलों से परेशान ममता बनर्जी ने आज मार्च निकालने का ऐलान किया है
  • सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने आज 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है

Kolkata Doctor Rape Murder Case: कोलकाता रेप-मर्डर केस में सीबीआई जांच के बीच सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। विपक्ष के हमलों से परेशान ममता बनर्जी ने आज मार्च निकालने का ऐलान किया है। उधर, कोलकाता डॉक्टर मर्डर रेप केस मामले में सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने आज 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में हुई वीभत्स घटना के विरोध में बंद बुलाया गया है। इस बीच घटना को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। एक तरफ तृणमूल कांग्रेस है तो दूसरी तरफ बीजेपी और वाम दल हैं।

Kolkata rape case

कोलकाता रेप-मर्डर केस में सियासत

ममता का विरोधियों पर निशाना

अस्पताल पर हमला और तोड़फोड़ को लेकर बिफरी ममता विरोधियों को निशाने पर लिया है। ममता ने यहां तक कह दिया कि तोड़फोड़ और हमला करने में वाम और राम का हाथ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। इसे लेकर आज ममता मार्च निकालने जा रही हैं। उनकी मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। सीएम ममता का मार्च निकालने का फैसला इस मायने में चौंकाने वाला है कि घटना उन्हीं के राज्य में हुई है, पुलिस और सरकार के रवैये पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में ममता का खुद ही विरोध-प्रदर्शन मार्च निकालने का फैसला गले उतरने लायक नहीं है।

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