महेंद्रनाथ मुल्ला: आईएनएस खुखरी में थे तैनात, जहाज छोड़ने से कर दिया था इनकार, आज ही के दिन ली थी जल समाधि

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 15, 2023, 12:52 PM IST

भारत-पाक युद्ध के दौरान जब खुखरी को निशाना बनाया गया तो उन्होंने आखिरी वक्त पर भी जहाज छोड़ने से इनकार कर दिया और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

Who Was Mahendranath Mulla: कैप्टनमहेंद्रनाथ मुल्ला का नाम कौन नहीं जानता। भारतीय नौसेना के इस जांबाज अफसर ने 1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान अदम्य साहस की मिसाल कायम करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। आज ही के दिन उनका जन्म हुआ था। 15 मई, 1926 को उत्तर प्रदेश गोरखपुर में जन्मे महेंद्रनाथ अपनी बहादुरी के लिए आज भी याद किए जाते हैं। 1971 युद्ध के दौरान वह भारतीय समुद्रवाहक पोत 'आईएनएस खुखरी' (INS Khukri) के कप्तान थे। भारत-पाक युद्ध के दौरान जब खुखरी को निशाना बनाया गया तो उन्होंने सैनिकों को बचाने के लिए जहाज छोड़ने से इनकार कर दिया। इसी जहाज पर बेखौफ होकर उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया था।

Mahendra Nath Mulla

महेंद्रनाथ मुल्ला ने आज ही के दिन ली थी जल समाधि

पाकिस्तान पोत ने बनाया निशाना

भारत-पाकिस्तान 1971 युद्ध में एक मौका ऐसा भी आया जब पाकिस्तानी नौसेना ने भारतीय नौसेना को टक्कर दी। अरब सागर में पाकिस्तान की एक पनडुब्बी भारतीय जलसीमा में घूम रही थी। इसे खोजने और बर्बाद करने के लिए 'आईएनएस खुखरी' और 'कृपाण' पोतों को लगाया गया। लेकिन पाकिस्तानी पनडुब्बी 'हंगोर' ने खुखरी को निशाना बना लिया। कप्तान महेंद्रनाथ मुल्ला ने डूबते हुए खुखरी को छोड़ने से इनकार कर दिया और अंत तक सैनिकों को बचाते रहे। आईएनएस खुखरी के साथ ही महेन्द्रनाथ मुल्ला ने भी जल समाधि ले ली। उन्हें मरणोपरांत 'महावीर चक्र' से सम्मानित किया गया।

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