Tulip Garden : मुगल शासक जहांगीर ने कभी कहा था कि धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है तो वह कश्मीर है। कश्मीर की घाटियों की सुंदरता प्राचीन काल से ही लोगों को मंत्रमुग्ध करती आई है। कश्मीर की सुंदर वादियां हमेशा से पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करती रही हैं। यहां ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं जहां लाखों की संख्या में लोग आते रहे हैं। डल झील, ट्यूलिप गार्डन, हरि पर्बत किला सहित अनेक रमणीय स्थल हैं। यहां हम बात करेंगे ट्यूलिप गार्डन की। इस गार्डन के फूल अपनी सुंदरता के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं।
30 हेक्टेयर में फैला है यह गार्डन
श्रीनगर स्थित इस गार्डन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। यहां हम आपको इस गार्डन की खासियतों के बारे में बताएंगे। ट्यूलिप गार्डन एशिया का सबसे बड़ा फूलों का बगीचा है। यह करीब 30 हेक्टेयर में फैला है। ट्यूलिप गार्डन जबरवान पर्वत श्रृंखला की गोद में स्थित है, जहां से श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील दिखती है। यह लेक इसकी सुंदरता में चार चांद लगाती है।
ट्यूलिप गार्डन को देखने लाखों पर्यटक आते हैं।
5 लाख से अधिक ट्यूलिप हैं
इस गार्डन में 60 किस्मों और रंगों वाले 15 लाख से अधिक ट्यूलिप हैं। इस गार्डन को आम लोगों के लिए साल 2007 में खोला गया। यहां ट्यूलिप के अलावा अन्य फूलों को भी लगाया गया है। जम्मू कश्मीर सरकार हर साल ट्यूलिप उत्सव का आयोजन करती है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
सड़क, रेल एवं वायु मार्ग से जुड़ा है श्रीनगर
श्रीनगर देश के सड़क, रेल एवं वायु मार्ग से जुड़ा हुआ है। एयरपोर्ट से ट्यूलिप गार्डन की दूरी करीब 22 किलोमीटर, श्रीनगर रेलवे स्टेशन से 18 किलोमीटर और लाल चौक से करीब 8 किलोमीटर है। हवाई अड्डे से आप टैक्सी पकड़ सकते हैं। ट्यूलिप गार्डन देखने के लिए ऑन लाइन टिकट बुक करने की सुविधा है। अब घर बैठे यहां के लिए टिकट बुक किया जा सकता है।
कोरोना काल में बंद था ट्यूलिप गार्डन
कोरोना काल में ट्यूलिप गार्डन को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसका उद्घाटन किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लोगों से अपील की है कि वे जम्मू-कश्मीर की यात्रा कर गार्डन जरूर घूमें। पूर्व में सिराज बाग के नाम से मशहूर इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन को 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने खुलवाया था।
