संघ की विचारधारा के खिलाफ थे पटेल, उनकी विरासत पर दावा हास्यास्पद, खरगे ने आरएसएस-बीजेपी को घेरा

खरगे ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, वे सरदार पटेल और पंडित नेहरू के संबंधों को ऐसा दिखाने का षडयंत्र करते हैं जैसे दोनों नायक एक दूसरे के खिलाफ थे। जबकि सच्चाई ये है कि वो एक सिक्के के दो पहलू थे। तमाम घटनाएं और दस्तावेज इनके मधुर संबंधों की गवाह हैं।

Kharge slams BJP- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला। खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले कई सालों से कई राष्ट्रीय नायकों को लेकर एक सोचा समझा षड्यंत्र चलाया जा रहा है। उन्होंने अहमदाबाद में पार्टी की विस्तारित कार्य समिति की बैठक में यह भी कहा कि सरदार पटेल की विचारधारा आरएसएस के विचारों के विपरीत थी और यह हास्यास्पद है कि आज इस संगठन के लोग सरदार पटेल की विरासत पर दावा करते हैं। खरगे ने यह दावा भी किया कि आज सांप्रदायिक विभाजन के जरिये देश के बुनियादी मसलों से ध्यान भटकाया जा रहा है और सामंती एकाधिकार संसाधनों पर क़ब्ज़ा करते हुए शासन को नियंत्रित करने की राह पर हैं।

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खरगे का बीजेपी-संघ पर निशाना

संगठन की मजबूती पर जोर

उन्होंने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए यह जरूरी है। कार्यसमिति की बैठक का आयोजन 'सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय स्मारक' पर किया गया। पार्टी के अधिवेशन से एक दिन पहले उन्होंने कहा, यह साल महात्मा गांधी जी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी है। दिसंबर 1924 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी मेरे गृह राज्य कर्नाटक के बेलंगाव कांग्रेस अधिवेशन में अध्यक्ष बने थे। यह शताब्दी समारोह हमने 26 दिसंबर को कर्नाटक में मनाया। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि गुजरात की धरती पर पैदा हुई तीन महान हस्तियां दादा भाई नौरोजी, महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे।

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