Keralite Vlogger News: अफगानिस्तान में यात्रा कर रही केरल की एक महिला ट्रैवल व्लॉगर ने अपने उस दावे से यू-टर्न ले लिया है जिसमें उसने मुजाहिदीन द्वारा गिरफ्तार किए जाने की बात कही थी। फेसबुक पेज 'Backpacker Arunima' चलाने वाली इस ब्लॉगर ने अब एक नया सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर स्पष्ट किया है कि बामयान प्रांत में स्थानीय अधिकारियों ने उसे केवल गिरफ्तारी की धमकी दी थी।
अफगानिस्तान गई व्लॉगर का नया दावा (AI Image)
कानून का हवाला दिया
व्लॉगर ने बताया कि अफगानिस्तान के स्थानीय कानून के मुताबिक कोई भी महिला किसी पुरुष साथी (मेहरम) या गाइड के बिना अकेले यात्रा नहीं कर सकती। उसने आरोप लगाया कि सिर्फ महिला होने के कारण उसे इस परेशानी का सामना करना पड़ा। उसने खुलासा किया कि अकेले यात्रा करने के कारण जलालाबाद में भी उसे ट्रेवल परमिट देने से इनकार कर दिया गया था।
बामयान में क्या हुआ?
बामयान पहुंचने पर शाम करीब 7 बजे अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट, वीजा और परमिट की जांच की और अकेले यात्रा कर नियम तोड़ने के आरोप में हिरासत में लेने की चेतावनी दी। घबराहट में उसने अपने एक स्थानीय परिचित से संपर्क किया, जिसने अधिकारियों से बात कर मामला सुलझाया। इसके बाद अधिकारियों ने उसे परमिट लेने और गाइड के साथ आगे की यात्रा करने की शर्त पर अगली सीमा की ओर जाने की अनुमति दी।
मदद के लिए मांगी थी भारतीय दूतावास से गुहार
इससे पहले व्लॉगर ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद डरावनी पोस्ट डालते हुए भारतीय दूतावास से तुरंत संपर्क करने की अपील की थी। उसने लिखा था, "मैं अफगानिस्तान के बामयान में परेशानी में हूं।" इसके साथ ही उसने एक कथित आधिकारिक अनुवाद शेयर किया था जिसमें उसके "मुजाहिदीन" द्वारा गिरफ्तार होने की बात कही गई थी। हालांकि, अब उसने साफ किया है कि वह लगभग 500 किलोमीटर दूर उज्बेकिस्तान सीमा की ओर बढ़ रही है और डर के माहौल में सुरक्षा के लिए उसने मदद की अपील की थी।
