केरल हाईकोर्ट ने 15 साल की किशोरी को दी गर्भपात कराने की अनुमति, बताई ये वजह

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 22, 2023, 06:04 PM IST

अदालत ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट पर गौर करने के बाद यह पता चलता है कि लड़की गर्भपात के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ है।

Kerala High Court: केरल उच्च न्यायालय ने एक नाबालिग लड़की के गर्भपात की अनुमति देते हुए कहा कि यदि गर्भपात की अनुमति नहीं दी गई तो उक्त किशोरी के लिए विभिन्न सामाजिक व चिकित्सीय जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। न्यायमूर्ति जियाद रहमान ए. ए. ने कहा कि लड़की की जांच के लिए गठित एक चिकित्सकीय बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार 32 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था को जारी रखने से 15 वर्षीय पीड़िता के सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

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हाई कोर्ट की दलील

उन्होंने कहा कि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि उसका जन्मा बच्चा उसके सगे भाई का होगा, उसके लिए विभिन्न सामाजिक और चिकित्सीय जटिलताएं उत्पन्न होने की आशंका है। ऐसी परिस्थितियों में, याचिकाकर्ता द्वारा गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए मांगी गई अनुमति जरूरी है। अदालत ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट पर गौर करने के बाद यह पता चलता है कि लड़की गर्भपात के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ है। गर्भावस्था को जारी रखने से उसके सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर चोट पहुंचने की आशंका है।

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