केदारनाथ धाम में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। धाम में बारिश के साथ बर्फबारी का दौर जारी रहा, जिससे तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ गई। इसके बावजूद बाबा केदार के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। खराब मौसम और मौसम विभाग की चेतावनी के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल मार्ग से धाम की ओर बढ़ते नजर आए।
केदारनाथ यात्रा से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आई है। ANI
केदारनाथ धाम और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी होने से यात्रा मार्ग पर ठंड बढ़ गई है। कई स्थानों पर मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद श्रद्धालु बरसाती, गर्म कपड़ों और अन्य जरूरी सामान के साथ यात्रा करते हुए धाम पहुंच रहे हैं। धाम में पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं में बाबा केदार के दर्शन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
साढ़े 15 लाख से ज्यादा भक्त कर चुके दर्शन
इस यात्रा सीजन में अब तक साढ़े 15 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के दौरान मौसम की चुनौती और पैदल मार्ग की दुश्वारियों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि, पैदल यात्रा मार्ग कई स्थानों पर खस्ताहाल बना हुआ है। बारिश के कारण मार्ग पर फिसलन और अन्य परेशानियां यात्रियों के लिए चुनौती बढ़ा रही हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी, यात्रियों से सावधानी की अपील
मौसम विभाग की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से यात्रियों से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने और यात्रा के दौरान प्रशासन एवं संबंधित विभागों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की पैनी नजर
खराब मौसम के बीच यात्रा मार्ग पर प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। संभावित बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन वाले संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों से अपील है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी एवं दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही यात्रा करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता देने की अपील की है।
