करूर भगदड़: पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी पर SC की अंतरिम राहत, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

Karur Stampede: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने वाले तमिलनाडु सरकार के फैसले को रद्द करने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।

Karur Stampede: करूर भगदड़ हादसे के पीड़ितों के परिवारों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने के तमिलनाडु सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से अंतरिम राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें सरकार के फैसले को रद्द कर दिया गया था। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने मामले में नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवारों को राहत देने के सरकार के फैसले पर आपत्ति को लेकर सवाल उठाया। कोर्ट ने पूछा, “अगर राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को राहत देना चाहती है, तो इसमें समस्या क्या है?”। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में राजनीति को नहीं लाया जाना चाहिए।

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करूर भगदड़ पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को SC की राहत (फोटो- PTI)

क्या है पूरा मामला?

27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में अभिनेता और TVK प्रमुख विजय की राजनीतिक रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। रैली में विजय को सुनने और देखने के लिए बड़ी संख्या में TVK समर्थक और उनके प्रशंसक जुटे थे। करीब 27 हजार लोगों की भीड़ जुटने की बात सामने आई थी। इस भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद TVK के तीन पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

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