CEC Row: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कर्नाटक के बेलगावी में मतदाता सूची से करीब 15 हजार नाम हटाने की कथित कोशिश को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 22, 23 और 24 सितंबर के दौरान करीब 15 हजार मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 के जरिए बड़ी संख्या में आवेदन किए गए।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी
BJP-EC पर बरसे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के निशाने पर मुस्लिम, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के मतदाता थे। राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पूरा देश वोट चोरी के खिलाफ गुस्से में है, मगर फिर भी भाजपा-चुनाव आयोग की बेशर्मी देखिए कैसे खुलेआम वही किए जा रहे हैं। कर्नाटक के बेलगावी में एक झटके में लगभग 15 हजार वोटरों के नाम मिटाने की साजिश चल रही थी। सिर्फ तीन दिनों- 22, 23 और 24 सितंबर में इतने नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए फॉर्म 7 की बाढ़ आ गई।''
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के निशाने पर कौन? मुसलमान, एससी, एसटी और ओबीसी। क्योंकि इनमें से ज़्यादातर लोग भाजपा के खिलाफ वोट डालते हैं। मैंने वोट चोरी के इस तरीके का पहले ही पर्दाफाश किया था- सेंट्रलाइज्ड तरीके से सॉफ्टवेयर के जरिए वोट डिलीट किए जाते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 'बेलगावी में 15 हजार वोटरों के नाम मिटाने की साजिश', राहुल गांधी ने EC-BJP को घेरा, बोले- मुसलमान, SC/ST निशाने पर
दोषियों के खिलाफ FIR की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि चुनिंदा लोगों के खिलाफ भाजपा और चुनाव आयोग के लोगों द्वारा मिलकर ऑटोमेटेड तरीके से थोक में फॉर्म 7 भरे जाते हैं और देखते ही देखते लाखों वोटर लिस्ट से गायब हो जाते हैं। और ये सब ऊपर से नियंत्रित किया जाता है। कर्नाटक कांग्रेस के नेता इस वक्त कर्नाटक सीईओ के दफ्तर में इसके दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे हैं। सीईओ इस एफआईआर से मना क्यों कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि इस तरह से मोदी, शाह और ज्ञानेश मिल कर एसआईआर के जरिए लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं। ये देशद्रोह है। इसलिए मैं कह रहा हूं ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे कर अप्रूवर बन जाना चाहिए, और मोदी शाह के खिलाफ जांच होनी चाहिए।
