पश्चिम बंगाल में रंगापानी स्टेशन के निकट सोमवार को एक मालगाड़ी और सियालदह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस के बीच टक्कर हो गई, जिसमें कम से कम 15 लोग मारे गए और करीब 60 अन्य घायल हो गए, हादसे के बाद मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी पहुंचे हैं, दुर्घटनास्थल पर पहुंचने के लिए रेल मंत्री ने बाइक (Rail Minister on Bike) का भी सहारा लिया।
रेल मंत्री भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं
इससे पहले, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन में हुआ। बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। रेलवे, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल SDRF) समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।'
घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मालगाड़ी के इंजन से पीछे से टक्कर लगने के बाद कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन के पीछे के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए,उत्तर बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग 30 किलोमीटर दूर इस घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 'कहा, 'ट्रेन दुर्घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 60 लोग घायल हैं।' उत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार मंडल के मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदह जा रही थी तभी यह दुर्घटना सुबह नौ बजे के करीब हुई।
अगरतला से सियालदह जा रही थी कंचनजंगा एक्सप्रेस के पिछले तीन डिब्बे पटरी से उतर गए
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी के इंजन से पीछे से टक्कर लगने के कारण कंचनजंगा एक्सप्रेस के पिछले तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। उत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार डिवीजन के डिवीजनल रेलवे प्रबंधक (DRM) ने बताया कि 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदह जा रही थी तभी यह दुर्घटना हुई। इस दुर्घटना के कारण उत्तर बंगाल और देश के पूर्वोत्तर भाग से लंबी दूरी की रेल सेवाएं प्रभावित हुईं हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित यात्रियों के परिवहन के लिए आपातकालीन आधार पर क्षेत्र से अतिरिक्त बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
'लोको पायलट ने शायद सिग्नल को पार कर लिया होगा'
शुरुआती खबरों से पता चला है कि मालगाड़ी के लोको पायलट ने शायद सिग्नल को पार कर लिया होगा। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि सिग्नलिंग सिस्टम में कोई समस्या थी या नहीं या इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें एक-दूसरे के इतने करीब कैसे आ गईं।
'अचानक तेज झटका महसूस हुआ और भीषण आवाज के साथ डिब्बा रुक गया'
दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता उन नेताओं में शामिल हैं जो बचाव कार्यों का निरीक्षण करने के लिए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। कंचनजंगा एक्सप्रेस के कोच संख्या एस6 में सवार अगरतला के एक यात्री ने बताया कि उसे अचानक तेज झटका महसूस हुआ और भीषण आवाज के साथ डिब्बा रुक गया। उसने यह भी दावा किया कि राहत और बचाव कार्यों में देरी हुई। एक टेलीविजन चैनल से बात करते हुए यात्री ने कहा, मेरी पत्नी, बच्चा और मैं किसी तरह क्षतिग्रस्त कोच से बाहर निकले। हम अभी भी परेशान ही हैं... बचाव कार्य भी काफी देर से शुरू हुआ। इस दुर्घटना पर सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी नजर बनाए हुए हैं। एक्स पर उन्होंने लिखा कि जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, डॉक्टर, एंबुलेंस और आपदा टीमों की मौजूदगी में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
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