Kanchenjunga Express Accident: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पास रंगापानी में ट्रेन दुर्घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सड़क बड़े वाहनों के चलने के लिहाज से संकरी होने के कारण रेल मंत्री को दुर्घटना स्थल तक पहुंचने के लिये कुछ दूरी मोटरसाइकिल के पीछे बैठकर तय करनी पड़ी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के एक अधिकारी के अनुसार, सोमवार सुबह रंगापानी स्टेशन के पास एक मालगाड़ी सियालदह जाने वाली कंचनजंघा एक्सप्रेस से पीछे से टकरा गई, जिसके परिणामस्वरूप 9 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन हादसा
रंगापानी स्टेशन के पास हादसा
पश्चिम बंगाल में रंगापानी स्टेशन के पास सोमवार को एक मालगाड़ी और सियालदह जाने वाली कंचनजंगा एक्सप्रेस के बीच टक्कर हो गई, जिसमें अब तक 9 लोग मारे गए और करीब 60 अन्य लोग घायल हो गए। उत्तर बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग सात किलोमीटर दूर यह हादसा हुआ। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव और राहत कार्य जारी है। घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
अगरतला से सियालदह जा रही थी ट्रेन
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मालगाड़ी के इंजन से पीछे से टक्कर लगने के कारण कंचनजंगा एक्सप्रेस के पिछले तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। उत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार डिवीजन के डिवीजनल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) ने बताया कि 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदह जा रही थी तभी यह दुर्घटना हुई। इस दुर्घटना के कारण उत्तर बंगाल और देश के पूर्वोत्तर भाग से लंबी दूरी की रेल सेवाएं प्रभावित हुईं हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित यात्रियों के परिवहन के लिए आपातकालीन आधार पर क्षेत्र से अतिरिक्त बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
सिग्नल की अनदेखी
शुरुआती खबरों से पता चला है कि मालगाड़ी के लोको पायलट ने शायद सिग्नल को पार कर लिया होगा। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि सिग्नलिंग सिस्टम में कोई समस्या थी या नहीं या इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें एक-दूसरे के इतने करीब कैसे आ गईं।
यात्रियों ने बताया डरावना अनुभव
दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता उन नेताओं में शामिल हैं जो बचाव कार्यों का निरीक्षण करने के लिए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। कंचनजंगा एक्सप्रेस के कोच संख्या एस6 में सवार अगरतला के एक यात्री ने बताया कि उसे अचानक तेज झटका महसूस हुआ और भीषण आवाज के साथ डिब्बा रुक गया। उसने यह भी दावा किया कि राहत और बचाव कार्यों में देरी हुई। एक टेलीविजन चैनल से बात करते हुए यात्री ने कहा, मेरी पत्नी, बच्चा और मैं किसी तरह क्षतिग्रस्त कोच से बाहर निकले। हम अभी भी परेशान ही हैं... बचाव कार्य भी काफी देर से शुरू हुआ।
रेल मंत्री तो घटनास्थल के लिए रवाना हुए ही हैं, इस दुर्घटना पर सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी नजर बनाए हुए हैं। एक्स पर उन्होंने लिखा कि जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, डॉक्टर, एंबुलेंस और आपदा टीमों की मौजूदगी में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
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