Justin Trudeau: जी-20 समिट में हिस्सा लेने भारत पहुंचे कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो आखिरकार अपने मुल्क कनाडा के लिए रवाना हो चुके हैं। समिट खत्म होने के बाद तीन दिन तक वह दिल्ली स्थित होटल में ही रुके हुए थे। उनके साथ उनका 16 वर्षीय बेटा भी था। बता दें, ट्रूडो को रविवार की रात को ही कनाडा के लिए प्रस्थान करना था, लेकिन रुटीन जांच के दौरान उनके प्लेन में तकनीकी खराबी पाई गई थी, जिसके बाद कनाडाई सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें उड़ान भरने से रोक दिया था।
जस्टिन ट्रूडो कनाडा के लिए रवाना
अब सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि जस्टिन ट्रूडो को भारत सरकार की ओर से तत्काल वापसी के लिए एयर इंडिया वन की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि सोमवार को भारत के आधिकारिक विमान से ट्रूडो और उनके प्रतिनिधिमंडल की वापसी की पेशकश की गई थी।
कनाडा से मंगाया गया था दूसरा प्लेन
रविवार रात को कनाडा के प्रधानमंत्री के विमान में आई तकनीकी खराबी के बाद जब अगली सुबह तक विमान सही नहीं हुआ तो कनाडा से बैकअप प्लेन को मंगाया गया। हालांकि, दूसरे विमान के भारत पहुंचने से पहले ही उनका विमान ठीक हो गया, जिसके बाद उसी विमान से जस्टिन ट्रूडो और उनका प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को कनाडा के लिए रवाना हो गया।
भारत सरकार से नहीं हुई कोई बातचीत
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ट्रूडो तीन दिनों तक होटल ललित में ही रुके रहे। इस दौरान जब उन्होंने भारत सरकार की पेशकर को ठुकरा दिया तो भारत सरकार ने भी उन्हें कोई तवज्जो नहीं दी। विदेश मंत्रालय के सूत्रो की ओर से भ्ज्ञी कहा गया है कि ट्रूडो की ओर से इस दौरान भारत सरकार से कोई अनुरोध नहीं किया गया था।
खालिस्तान के कारण रिश्तों में आई है कड़वाहट
दरअसल, कनाडा में खालिस्तान की भारत विरोधी गतिविधियों के कारण दोनों देशों के बीच रिश्तों में कड़वाहट आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रूडो के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अलगाववादी तत्वों को बढ़ावा देने के लिए ट्रूडो सरकार की जमकर आलोचना की थी। पीएम मोदी ने सख्त लहजे में कहा था कि वे कनाडा में अलगाववाद को बढ़ावा दे रहे हैं और भारतीय राजनयिको के खिलाफ हिंसा को हवा देने का काम कर रहे हैं।
