देश

जस्टिस वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी संबंधी याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, पीठ ने कही ये बात

Justice Varma Cash Row: सुप्रीम कोर्ट ने नकदी बरामदगी मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से सोमवार को इनकार कर दिया।

Image

जस्टिस वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी संबंधी याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से SC का इनकार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Justice Varma Cash Row: उच्चतम न्यायालय ने नकदी बरामदगी मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से सोमवार को इनकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ से वकील मैथ्यूज नेदुम्परा ने आग्रह किया कि इस मुद्दे पर यह उनकी तीसरी याचिका है और इसे तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।

प्रधान न्यायाधीश ने पूछा कि क्या आप चाहते हैं कि इसे अभी खारिज कर दिया जाए? उन्होंने कहा कि इसे उचित समय पर सूचीबद्ध किया जाएगा। वकील ने कहा कि इसे खारिज करना संभव नहीं है। एक प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। ऐसा प्रतीत होता है कि वर्मा भी यही चाहते हैं। एक प्राथमिकी और एक जांच होनी चाहिए। पीठ ने इस बात पर कड़ा संज्ञान लिया कि वकील ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को वर्मा कहकर संबोधित किया था।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि क्या वह आपके दोस्त हैं? वह अब भी न्यायमूर्ति वर्मा ही हैं। आप उन्हें कैसे संबोधित कर रहे हैं? थोड़ी शालीनता बरतें। आप एक विद्वान न्यायाधीश की बात कर रहे हैं। वह अब भी न्यायालय के न्यायाधीश हैं। वकील ने जोर देकर कहा कि मुझे नहीं लगता कि वे इतने महान हैं कि उन्हें सम्मान दिया जाए। मामले को सूचीबद्ध किया जाना चाहिए। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि कृपया न्यायालय को निर्देश नहीं दें। हाल में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वर्मा ने एक आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट को अमान्य ठहराने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया। आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट में उन्हें नकदी बरामदगी मामले में कदाचार का दोषी पाया गया था। वर्मा ने तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा आठ मई को दी गई सिफारिश को रद्द करने का अनुरोध किया है, जिसमें संसद से उनके (वर्मा के) खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कार्यरत है जस्टिस वर्मा

सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में वर्मा को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की योजना है। घटना की जांच कर रही जांच समिति की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि न्यायमूर्ति वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों का उस स्टोर रूम पर परोक्ष या प्रत्यक्ष नियंत्रण था जहां आधी जली हुई नकदी का बड़ा जखीरा बरामद किया गया था। यह घटना उनके कदाचार को साबित करती है, जो उन्हें पद से हटाए जाने के लिए पर्याप्त है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की समिति ने 10 दिन तक जांच की, 55 गवाहों से पूछताछ की और न्यायमूर्ति वर्मा के आधिकारिक आवास का दौरा किया जहां 14 मार्च को रात लगभग 11 बजकर 35 मिनट पर अचानक आग लग गई थी। वर्मा उस समय दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे और वर्तमान में वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कार्यरत हैं। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश की।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article