प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में 'कानूनी सहायता वितरण तंत्र को सशक्त बनाने' पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश सहित अन्य लोग मौजूद रहे। पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रणालियों की मजबूती और कानूनी सेवाएं देश से जुड़ा ये कार्यक्रम हमारी न्यायिक व्यवस्था को नई मजबूती देगा। मैं 20वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस की आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालसा के कार्यक्रम को किया संबोधित (फोटो साभार: @BJP4India)
PM मोदी ने क्या कुछ कहा
पीएम मोदी ने कहा कि जीवन और कारोबार को आसान बनाने के लिए न्याय में सुगमता जरूरी है। उन्होंने कानूनी भाषा को सरल बनाने का आह्वान किया ताकि न्याय चाहने वाले इसे समझ सकें। उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक न्याय तभी सुनिश्चित किया जा सकता है जब न्याय सभी को मिले, चाहे उनकी सामाजिक या वित्तीय पृष्ठभूमि कुछ भी हो।’’
उन्होंने कहा कि न्याय सभी के लिए उपलब्ध होना चाहिए तथा जीवन और व्यापार को आसान बनाने के लिए न्याय में सुगमता आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने हाल के वर्षों में ‘‘न्याय की सुगमता’’ में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं तथा इस प्रक्रिया में और तेजी लाई जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कानून की भाषा ऐसी होनी चाहिए जो न्याय चाहने वालों को समझ में आए। जब लोग कानून को अपनी भाषा में समझते हैं, तो इससे बेहतर अनुपालन होता है और मुकदमे कम होते हैं।’’ मोदी ने कहा कि फैसले और कानूनी दस्तावेज स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्च्तम न्यायालय इस संबंध में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
