Jharkhand Students Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी के सामने ओएमआर शीट से जुड़ा एक अहम आंकड़ा सामने आया है। जांच एजेंसी की अपील के बावजूद 2,204 सफल अभ्यर्थियों में से 454 ने अब तक अपनी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध नहीं कराई है। वहीं, 1,750 सफल अभ्यर्थियों ने अपनी OMR कॉपी CID को सौंप दी है।
JPSC परीक्षा पर उठे सवालों के बीच बड़ा खुलासा, 2,204 में से 454 की OMR कॉपी गायब। AI IMAGE
सीआईडी ने 29 जुलाई को जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से अपनी OMR शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की अपील की थी। जांच एजेंसी इन कॉपियों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और OMR में किसी तरह के हेरफेर की आशंका की जांच कर रही है।
2,204 में से 1,750 ने दी OMR कॉपी
सीआई़डी के आंकड़ों के मुताबिक, जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल 2,204 अभ्यर्थियों में से अब तक 1,750 अभ्यर्थियों ने अपनी OMR शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराई है। वहीं 454 अभ्यर्थियों की OMR कॉपी अभी जांच एजेंसी को नहीं मिली है। ऐसे समय में यह आंकड़ा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब JPSC परीक्षा में कथित सेटिंग और OMR में हेरफेर के आरोपों की जांच चल रही है।
खाली गोले बाद में सही करने का कथित दावा
जांच के दौरान गिरफ्तार TDPL के निदेशक रामवीर सिंह के कथित बयान में OMR प्रक्रिया में हेरफेर के गंभीर आरोप सामने आने की बात कही गई है। कथित बयान के अनुसार, OMR शीट में खाली छोड़े गए प्रश्नों के गोले बाद में सही उत्तर के रूप में भरे जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा OMR स्कैनिंग, OMR में कथित बदलाव, मेरिट से जुड़े डेटा, मुख्य परीक्षा के अंकों और इंटरव्यू के लिए कोड जनरेशन जैसी प्रक्रियाओं में भी कथित गड़बड़ी की जानकारी होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और CID की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन दावों में कितनी सच्चाई है।
454 ओएमआर कॉपियां जांच में क्यों अहम?
जांच एजेंसी के लिए अब वे 454 सफल अभ्यर्थी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जिन्होंने अभी तक अपनी OMR कार्बन कॉपी उपलब्ध नहीं कराई है। CID इन अभ्यर्थियों की OMR कॉपी मिलने के बाद मूल रिकॉर्ड और परीक्षा से जुड़े डिजिटल डेटा से उसका मिलान कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि किसी अभ्यर्थी की OMR में कथित तौर पर खाली छोड़े गए उत्तर बाद में बदले गए थे या नहीं और उसके अंकों में किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं।
कथित ‘सेटिंग’ को लेकर भी जांच
जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सीआईडी गिरफ्तार आरोपितों के बयानों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। सामने आए कथित बयानों में अभ्यर्थियों के उत्तर लिखवाने, अंक बढ़वाने, ओएमआर में कथित हेरफेर और चयन के लिए पैसे के लेन-देन जैसे गंभीर दावे किए गए हैं। जांच एजेंसी अब इन दावों का दस्तावेजों, ओएमआर कॉपियों और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए सत्यापन करने में जुटी है। ऐसे में 454 सफल अभ्यर्थियों की लंबित OMR कॉपियां जांच की दिशा में एक अहम कड़ी साबित हो सकती हैं।
JPSC OMR जांच का आंकड़ा:
2,204 सफल अभ्यर्थी → 1,750 ने OMR दी → 454 की OMR अभी बाकी
