JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PIL, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग

JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित धांधली पर सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने परीक्षा रद्द कर नए सिरे से CBI जांच की मांग की है।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में 19 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने और मामले की जांच CBI या स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की गई है। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर हुई है। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट सोनिया माथुर के साथ अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत, आदर्श सिंह और मुस्कान सिंह पैरवी कर रहे हैं। अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड के तौर पर नीमा पेश हो रही हैं।

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