सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत जानने के लिए मंगलवार रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने डॉक्टरों से वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
हाई कोर्ट के आदेश पर मेदांता में कराया गया शिफ्ट
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें तुरंत सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार को मेदांता शिफ्ट किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। कोर्ट ने मेदांता को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाकर उनके इलाज और निगरानी के निर्देश दिए हैं।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी
सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने अपना अनशन जारी रखा है। उनकी पत्नी गीतांजलि ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध और उनके प्रति एकजुटता दिखाते हुए वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है।
जंतर-मंतर पर फिर जुटे प्रदर्शनकारी
सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद मंगलवार को हजारों छात्र और समर्थक दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा कि विरोध प्रदर्शन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा, हालांकि फिलहाल संसद की ओर मार्च नहीं निकाला जाएगा।
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हाई कोर्ट ने दी चिकित्सकीय निगरानी की हिदायत
दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सोनम वांगचुक को डॉक्टरों की सलाह का पालन करना होगा और पूरे इलाज के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रहना होगा।
