Jewar Airport: गौतम बुद्ध नगर के जेवर के पास विकसित किया जा रहा नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा साल 2024 के अंत तक कमर्शियल परिचालन शुरू कर देगा। इस हवाई अड्डे से 65 उड़ानें संचालित होंगी। 65 उड़ानों में से 25 घरेलू श्रेणी की होंगी और मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ेंगी। इसके अलावा कुल 37 उड़ानें क्षेत्रीय श्रेणी की होंगी और ये उन छोटे शहरों में जाएंगी जहां विमान कम उड़ान भरते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके अलावा दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और एक कार्गो जेट भी नोएडा हवाई अड्डे से संचालित होगा।
जेवर एयरपोर्ट पर अपडेट
फरवरी 2024 के अंत तक ट्रायल
जेवर एयरपोर्ट पर उड़ानों का ट्रायल रन फरवरी 2024 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। एक अधिकारी ने कहा कि अगर दो विदेशी एयरलाइनों को चुनने की कोशिश सफल नहीं होती है, तो नोएडा हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए भारतीय एयरलाइनों को चुना जाएगा। तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट (टीईएफआर) के अनुसार, अपने शुरुआती वर्ष में एयरपोर्ट का इस्तेमाल लगभग 50 लोगों द्वारा किए जाने की उम्मीद है। असली चुनौती यात्रियों को आकर्षित करने, एक बढ़िया वातावरण विकसित करने की होगी ताकि लोग अपनी यात्रा के लिए आईजीआई हवाई अड्डे के बजाय जेवर को चुनें।
दिल्ली एयरपोर्ट से कितनी दूर
जेवर में ये 1,334 हेक्टेयर में फैला हुआ क्षेत्र है और एनसीआर और पश्चिमी यूपी से सड़क मार्ग से यहां पहुंचा जा सकता है। यह आईजीआई हवाई अड्डे से 72 किमी., नोएडा से 40 किमी. और आगरा से 130 किमी. दूर है। इसके अलावा, राज्य राजमार्ग 22ए, जो पलवल और अलीगढ़ को जोड़ता है, 30 किलोमीटर दूर है, जबकि यमुना एक्सप्रेस-वे 700 मीटर दूर है।
