Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन दिनों उठापटक का दौर तेज हो चुका है। बीते कुछ दिनों में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में बड़े फेरबदल का दौर देखने को मिला। नीतीश ने पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली और ललन सिंह के हाथ खाली हो गए। मगर इसी बीच कई विरोधियों ने जदयू पर अलग-अलग तंज कसे। किसी ने इसे पार्टी में दो फाड़ करार दिया तो कोई ये साबित करने में जुट गया कि अब नीतीश और ललन के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सियासी ड्रामा के बीच पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने दावा किया कि जदयू में 2 गुट हो चुके हैं और ललन सिंह को हटाने की पटकथा 2 महीने पहले लिखी जा चुकी थी। इसी बीच खुद ललन सिंह ने सारे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
ललन सिंह की छवि खराब करने के लिए कौन कर रहा झूठा प्रचार?
झूठा प्रचार कर किसने खराब की ललन सिंह की छवि
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ललन सिंह ने कहा कि कुछ लोगों ने उनके खिलाफ गलत अभियान चलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। एक कैबिनेट मंत्री के कार्यालय में जद-यू विधायकों के एक समूह की बैठक में मौजूद होने की खबर को गलत बताते हुए सिंह ने कहा कि वह उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दिल्ली में थे।
खबर चलाने वालों के खिलाफ करेंगे कानूनी कार्रवाई
ललन सिंह को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, मगर अब वो आग बबूले हो गए हैं। एर पत्र जारी कर उन्होंने कहा कि वह खबर चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जद-यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने लोकसभा क्षेत्र की देखभाल करनी है।
तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश
इस बीच, भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को दावा किया कि सिंह 12 से 13 विधायकों की मदद से जदयू को तोड़ने की कोशिश में शामिल थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि ललन सिंह बिहार का मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ललन सिंह को हटाने की पटकथा 2 महीने पहले लिखी
जदयू के अध्यक्ष पद से ललन सिंह को हटाए जाने के बाद अब बिहार में बयानबाजी खूब हो रही है। इस बीच सत्तारूढ़ महागठबंधन में सहयोगी रहे हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने दावा किया है कि वास्तविकता है कि जदयू में दो गुट बन गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ललन सिंह को अध्यक्ष पद से हटाने की पटकथा दो महीने पूर्व ही लिखी जा चुकी थी। जदयू का एक गुट ललन सिंह तथा बिजेंद्र यादव राजद के नेता तेजस्वी यादव को जल्द ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाना चाहते थे, लेकिन इसके लिए नीतीश कुमार तैयार नहीं हुए। कुछ वरिष्ठ मंत्रियों का दूसरा गुट है जो एनडीए के साथ तालमेल करता है।
उन्होंने दावा किया कि मंत्री विजय चौधरी, संजय झा और मंत्री अशोक चौधरी एनडीए के नेता से मिले। उन्होंने यहां तक कहा कि ललन सिंह दिखावे के लिए जदयू में रहें तो रहें, लेकिन, इनकी स्थिति पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह जैसी होगी। पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने नीतीश के फिर से एनडीए में आने के प्रश्न पर कहा कि राजनीति में कोई दोस्त और दुश्मन नहीं होता है।
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