Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट में अपने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि यहां की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था निर्वाचित सरकार का दायित्व नहीं है। उन्होंने यह कदम हाल में हुए घातक पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटन बहाल करने के प्रयासों के तहत उठाया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फोटो साभार: @OmarAbdullah)
J&K की सुरक्षा का जिम्मा किसका?
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि तथ्य तो यह है कि सुरक्षा और कानून- व्यवस्था का जिम्मा निर्वाचित सरकार का नहीं है। यह किसकी जिम्मेदारी है? यह जिम्मेदारी उपराज्यपाल की है... यहां तीन तरह के पॉवर सेंटर हैं जिन्हें समन्वय की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यहां चीजें सुचारू ढंग से चले...
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उन्होंने कहा कि मैं पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। मैं पर्यटन के लिए बुनियादी ढाचा तैयार कर सकता हूं। मैं यह सुनिश्चित कर सकता हूं कि एक पर्यटक आए और एक अच्छी यात्रा करे... लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा फिलहाल उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में है... उन्होंने कहा कि मैंने यह मुद्दा उठाया कि केंद्र सरकार, निर्वाचित सरकार और राजभवन तीनों को मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 22 अप्रैल को जो कुछ भी हुआ वह फिर दोबारा न हो...
बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल
गुलमर्ग में हुई बैठक में शीर्ष नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के साथ कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में अपनी मंत्रिपरिषद के साथ बैठक की थी। अधिकारियों ने बताया कि सिविल सचिवालय परिसर से बाहर बैठक करने का उद्देश्य लोगों के मन से भय दूर करना और सुरक्षा एवं विश्वास का भाव पैदा करना है।
