जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भारी गोलीबारी, LoC पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में LoC पर संदिग्ध गतिविधि दिखने के बाद सेना ने की फायरिंग। घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद यह पहला बड़ा सीजफायर उल्लंघन है।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना के मुस्तैद जवानों ने आतंकवादियों की घुसपैठ की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात LoC के पास संदिग्ध गतिविधियों को देखने के बाद भारतीय सैनिकों ने मोर्चा संभाला और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सीमा पार से भी जवाबी फायरिंग की गई। दोनों ओर से करीब डेढ़ से दो घंटे तक रुक-रुक कर छोटे हथियारों से भारी गोलीबारी होती रही। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार रात करीब 10:00 बजे राजौरी सेक्टर के तारकुंडी इलाके में हुई। भारतीय जवानों ने सीमा पर कुछ संदिग्ध आतंकियों को रेंगते हुए आगे बढ़ते देखा था, जिसके तुरंत बाद सेना ने चेतावनी के तौर पर और घुसपैठ रोकने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि, तकरीबन डेढ़ घंटे चली इस पूरी गोलाबारी में भारतीय पक्ष की ओर से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

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राजौरी में डेढ़ घंटे तक हुई क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग (सांकेतिक चित्र | PTI)

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बड़ी हिमाकत

सुरक्षा विश्लेषकों और सैन्य सूत्रों का कहना है कि यह सीजफायर उल्लंघन पिछले साल मई (7 से 10 मई) के दौरान भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद का सबसे बड़ा उल्लंघन है। महज 22 मिनट चले उस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने LoC पार किए बिना 26 सटीक मिसाइलों से मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा और बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मुख्यालयों को तबाह कर दिया था। उस कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने पहले भी कई बार नागरिक इलाकों को निशाना बनाया था और अब एक बार फिर अपनी आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल से ध्यान भटकाने के लिए इस सीजफायर उल्लंघन का सहारा लिया है।

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