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Jammu and Kashmir: पाक समर्थित आतंकी साजिश मामले में NIA ने 32 जगहों पर मारी छापेमारी

Jammu and Kashmir: NIA ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने की पाकिस्तान समर्थित साजिश के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर में 32 स्थानों पर तलाशी ली। घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 2022 में दर्ज मामले के संबंध में प्राप्त विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर गुरुवार तड़के से केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन स्थानों पर छापेमारी चल रही है।

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एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के 32 जगहों पर की छापेमारी

Photo : ANI

Jammu and Kashmir: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने की पाकिस्तान समर्थित साजिश के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर में 32 स्थानों पर तलाशी ली। घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 2022 में दर्ज मामले के संबंध में प्राप्त विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर गुरुवार तड़के से केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन स्थानों पर छापेमारी चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, ये तलाशी आतंकी साजिश से जुड़े आरसी-05/2022/ एनआईए /जेएमयू मामले में विभिन्न आतंकवादी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के खिलाफ की जा रही है। इन तलाशियों का उद्देश्य जम्मू प्रांत में आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करना और स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर तथा जमीनी कार्यकर्ताओं को संगठित करके जम्मू-कश्मीर में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की योजनाओं को विफल करना था।

बता दें, पिछले साल 11 मई को एनआईए ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनके सहयोगियों द्वारा जम्मू-कश्मीर में बम, आईईडी और छोटे हथियारों से हिंसक हमले करने की साजिश से संबंधित मामले में जम्मू प्रांत में छह स्थानों पर तलाशी भी ली थी। इसके बाद की गई तलाशी में हाइब्रिड आतंकवादियों, ओजीडब्ल्यू , समर्थकों और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के नवगठित शाखाओं और सहयोगियों से जुड़े कैडरों से जुड़े परिसरों से डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। इनमें लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल-बद्र और अल-कायदा शामिल हैं। एनआईए ने 21 जून, 2022 को इन संगठनों द्वारा संचालित आतंकी नेटवर्क के साथ-साथ उनकी नई शुरू की गई शाखाओं को खत्म करने के लिए एक स्वत: संज्ञान मामला दर्ज किया था। द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू और कश्मीर (यूएलएफजेएंडके), मुजाहिद्दीन गजवत-उल-हिंद (एमजीएच), जम्मू और कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (जेकेएफएफ), कश्मीर टाइगर्स, पीएएएफ और अन्य। मामले की जांच के तहत एनआईए हाल के महीनों में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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