अब सेंगोल पर संग्राम: जयराम रमेश बोले, Sengol को लेकर कोई साक्ष्य नहीं, सभी दावे पूरी तरह बोगस

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 26, 2023, 02:21 PM IST

जयराम रमेश ने ट्वीट किया- स्वतंत्र भारत की पहली निर्वाचित सरकार को अंग्रेजों से सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में तमिल कलाकृतियों की पुष्टि करने वाला कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है...

Sengol: नए संसद भवन के बाद अब कांग्रेस ने सेंगोल को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि इतिहास में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि सेंगोल को स्वतंत्रता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर जवाहरलाल नेहरू को सौंपा गया था। कांग्रेस के इस दावे के बाद अब नई सियासी जंग छिड़ती दिख रही है। कांग्रेस और बीजेपी में पहले से ही नई संसद के उद्घाटन को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है।

जयराम रमेश बोले, कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को 'सेंगोल' पर अपने दावों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला। जयराम रमेश ने ट्वीट किया- स्वतंत्र भारत की पहली निर्वाचित सरकार को अंग्रेजों से सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में तमिल कलाकृतियों की पुष्टि करने वाला कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है, जैसा कि केंद्र द्वारा दावा किया गया है। माउंटबेटन, राजाजी और नेहरू द्वारा इस राजदंड को भारत में ब्रिटिश सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में बताने का कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है। इस संबंध में सभी दावे पूरी तरह से बोगस हैं। कुछ लोगों ने इस योजना को तैयार किया और और व्हाट्सएप के जरिए फैला दिया।

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