द्रमुक से टूटा छह दशक पुराना साथ, आईयूएमएल अब टीवीके के साथ; गठबंधन से अलग होने का किया आधिकारिक ऐलान

आईयूएमएल ने इससे पहले मई में सरकार गठन के दौरान भी टीवीके का समर्थन किया था। पार्टी के पापनासम से विधायक ए. एम. शाहजहां को विजय सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया था।

ये साल तमिलनाडु की राजनीति में के लिए बड़े बदलाव वाला रहा है। हालिया विधानसभा चुनाव में जहां राज्य में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ वहीं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने शनिवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) नीत गठबंधन से अलग होने की आधिकारिक घोषणा कर दी। इसके साथ ही दोनों दलों के बीच 1962 से चला आ रहा छह दशक से अधिक पुराना राजनीतिक गठबंधन समाप्त हो गया। इसके साथ ही पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह अब सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखेगी।

MK Stalin

एमके स्टालिन

रायापुरम स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में आईयूएमएल ने कुल 14 प्रस्ताव पारित किए। इनमें एक प्रस्ताव के जरिए मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए द्रमुक नीत 'सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस' से अलग होने के फैसले को औपचारिक मंजूरी दी गई। पार्टी ने कहा कि वर्तमान हालात में इस गठबंधन में बने रहना संभव नहीं है और जनता द्वारा टीवीके को दिए गए जनादेश का सम्मान करते हुए उसके साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है।

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