इसरो से होगी कामयाबी की एक और उड़ान, 5 प्वाइंट्स में समझें-क्यों खास है यह लॉन्चिंग

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 21, 2023, 01:36 PM IST

OneWeb satellites: इसरो की यह लॉन्चिंग बेहद खास मानी जा रही है। यह लॉन्चिंग यदि सफल हो जाती है तो भारती इंटरप्राइज की सहयोग वाली ब्रिटेन की यह कंपनी अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचली कक्षा में 600 से ज्यादा अपने उपग्रहों का पुंज बनाने के अपने लक्ष्य को पूरा कर लेगी।

OneWeb satellites launch : उपग्रह प्रक्षेपण के क्षेत्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) एक के बाद एक नई बुलंदियों को छू रहा है। आने वाले रविवार यानी 26 मार्च को वह कामयाबी की एक और उड़ान भरने जा रहा है। इसरो वनवेब के 36 उपग्रहों के दूसरे बैच को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करेगा। इन उपग्रहों को LVM3 रॉकेट से श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा। इसरो की यह लॉन्चिंग बेहद खास मानी जा रही है। यह लॉन्चिंग यदि सफल हो जाती है तो भारती इंटरप्राइज की सहयोग वाली ब्रिटेन की यह कंपनी अंतरिक्ष में पृथ्वी की निचली कक्षा में 600 से ज्यादा अपने उपग्रहों का पुंज बनाने के अपने लक्ष्य को पूरा कर लेगी। इसरो ने वनवेब के साथ उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए करीब हजार करोड़ रुपए का करार किया है।

OneWeb satellites

26 मार्च को होगी यह लॉन्चिंग। सौजन्य-ISRO

  1. इसरो ने सोमवार को अपने एक ट्वीट में कहा कि LVM3-M3 /वनवेब इंडिया-2 मिशन। इसकी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के एसडीएससी-एसएचएआर के दूसरे लॉन्च पैड से 26 मार्च को भारतीय समयानुसार 9 बजे होनी तय है।
  2. वनवेब के 36 सैटेलाइट का यह 18वां लॉन्च है। इसकी सफल लॉन्चिंग के बाद ब्रिटेन स्थित कंपनी के उपग्रहों की संख्या 600 के पार हो जाएगी। अभी पृथ्वी की निचली कक्षा में इसके 582 उपग्रह मौजूद हैं। बीते 9 मार्च को SpaceX के फॉल्कन-9 रॉकेट ने वनवेब के 40 सैटेलाइट को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाया।
  3. इसरो की वाणिज्यिक इकाई NSIL ने वनवेब के 72 उपग्रहों को दो चरणों में लॉन्चिंग करने के लिए उसके साथ एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का करार किया है। बीते साल 23 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से वनवेब के पहले बैच के 36 उपग्रहों की सफल लॉन्चिंग हुई।
  4. इसरो और NSIL के साथ इस साझेदारी से 2023 तक पूरे भारत में कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। जिसमें लद्दाख से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक पहुंच शामिल है। कंपनी ने कहा कि वनवेब न केवल उद्यमों के लिए बल्कि उद्यमों के साथ-साथ गांवों, नगर पालिकाओं और स्कूलों के साथ-साथ देश के सुदूर क्षेत्रों तक सुरक्षित इंटरनेट मुहैया कराएगा।
  5. इन उपग्रहों के जरिए वन वेब भारत में डिजिटल असंतुलन को दूर करते हुए सुदूर क्षेत्रों में ब्राड बैंड की बेहतरीन सेवा उपलब्ध कराएगी। इस वनवेब कंपनी में भारत की भारती ग्लोबल की भी हिस्सेदारी है। वनवेब अपनी अंतरिक्ष सेवा के जरिए इंटरनेट की शुरुआत अलास्का, कनाडा, ग्रीनलैंड, ब्रिटेन और उत्तरी यूरोप में कर चुकी है।

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