Isro Report on Glaciers Melting: बर्फीले पहाड़ों से ढ़का हिमालय खतरे की घंटी बजा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण यहां बर्फ तेजी से पिघल रही है और ग्लेशियल लेक्स (Glacial Lakes) का आकार बढ़ता जा रहा है। अगर, ऐसे ही चलता रहा तो देश में कभी भी जल प्रलय आ सकती है। इसका खुलासा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की नई रिपोर्ट में किया गया है। इसमें कहा गया है कि भारतीय हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियर खतरनाक दर से पिघल रहे हैं, जिससे हिमनदीय झीलों (Glacial Lakes) का विस्तार हो रहा है।
ग्लेशियल लेक्स पर इसरो की रिपोर्ट
इसरो की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ग्लेशियल लेक्स का विस्तार इसी तरह होता रहा तो ये कभी भी फट सकते हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है और इसके विनाशकारी परिणाम भी हो सकते हैं। जैसे केदारनाथ, चमोली और सिक्किम जैसे हादसे हुए। यानी, भारत पर एक और हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
इसरो करता है ग्लेशियल लेक्स की स्टडी
हिमालयी क्षेत्रों में बनी ग्लेशियर लेक्स पर इसरो नजर रखता है। सैटेलाइट्स के जरिए इसरो इनका अध्ययन करता है, जिससे किसी भी खतरे से पहले बचाव का रास्ता निकाला जा सके। इन ग्लेशियल लेक्स का इसरो को पास 1984 से 2023 तक डेटा है। इस डेटा के अध्ययन से पता चला है कि हिमालय क्षेत्र में चिह्नित ग्लेशियल लेक्स में से 27 प्रतिशत से अधिक का 1984 के बाद से उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और इनमें से 130 भारत में हैं।
हिमालय पर कुल 2431 झीलें, सबका बढ़ रहा आकार
इसरो ने 1984 से 2023 तक के आंकड़ों का अध्ययन किया है। इसके बाद अंतरिक्ष एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सैटेलाइट्स इमेज ग्लेशियल लेक्स में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती हैं। 2016-17 के दौरान चिह्नित की गईं 10 हेक्टेयर से बड़ी 2,431 झीलों में से 676 हिमनद झीलों का 1984 के बाद से उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वहीं, 676 झीलों में से 601 का विस्तार दोगुने से अधिक हो गया है, जबकि 10 झीलों का विस्तार डेढ़ से दोगुना और 65 झीलों का विस्तार 1.5 गुना हो गया है।
भारत में ही 130 झीलें
बता दें, ये ग्लेशियल लेक्स या फिर हिमनद झीलें भारत में नदियों का मुख्य स्त्रोत हैं। हालांकि, इनका आकार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ग्लेशियल लेक्स आउटबर्स्ट फ्लड्स (GLOFS) का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसरो ने कहा है कि 676 झीलों में से 130 भारत के भीतर हैं, जिनमें से सिंध नदी के ऊपर 65, गंगा नदी के ऊपर सात और ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर 58 ग्लेशियल लेक्स बनी हुई हैं।
