ISRO चीफ एस सोमनाथ ने बताया- मैं मंदिर क्यों जाता हूं

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Aug 27, 2023, 06:22 PM IST

चंद्रयान 3 की सफलता के बाद इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ (ISRO Chairman S Somanath) तिरुवनंतपुरम में पूर्णमिकावु भद्रकाली मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की। साथ ही उन्होंने बताया कि मैं मंदिर क्यों आता हूं।

तिरुवनंतपुरम में पूर्णमिकावु भद्रकाली मंदिर की अपनी यात्रा पर इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ (ISRO Chairman S Somanath) ने कहा कि मैं एक अन्वेषक हूं। मैं चंद्रमा का अन्वेषण कर रहा हूं।। मैं आंतरिक स्पेस का पता लगा रहा हूं। इसलिए यह विज्ञान और आध्यात्मिकता दोनों का पता लगाने के लिए मेरे जीवन की यात्रा का एक हिस्सा है। इसलिए मैं कई मंदिरों में जाता हूं और मैंने कई धर्मग्रंथ पढ़े हैं। इसलिए इस ब्रह्मांड में हमारे अस्तित्व और हमारी यात्रा का अर्थ खोजने का प्रयास कर रहा हूं। यह संस्कृति का एक हिस्सा है जिसे हम सभी अन्वेषण करने के लिए बनाए गए हैं। साथ ही खुद का पता लगाने के लिए भी अन्वेषण है जैसे बाहरी तौर पर विज्ञान है। जैसे बाहरी तौर पर मैं विज्ञान की तलाश करता हूं वैसे आंतरिक तौर पर खुद को जानने के लिए मैं मंदिरों में आता हूं।

चंद्रयान-3 के टचडाउन पॉइंट को 'शिव शक्ति' कहे जाने पर इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका अर्थ उस तरीके से बताया जो हम सभी के लिए उपयुक्त है। मुझे लगता है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। और साथ ही उन्होंने इसका मतलब भी बताया। तिरंगा का अगला नाम और दोनों भारतीय लगने वाले नाम हैं। हम जो कर रहे हैं उसका एक महत्व होना चाहिए और देश के प्रधान मंत्री होने के नाते यह नाम रखने का उनका विशेषाधिकार है।

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