Mumbai Attacks: मुंबई आतंकवादी हमले की 15वीं बरसी पर एक अहम कदम उठाते हुए इजराइल ने आधिकारिक तौर पर लश्कर-ए-तैयबा को एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है। इजरायली दूतावास ने एक बयान में कहा कि लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। यह निर्णय भारत सरकार के किसी औपचारिक अनुरोध के बिना स्वतंत्र रूप से लिया गया है।
इजराइल का बड़ा फैसला
लश्कर को बताया क्रूर आतंकी संगठन
इसमें कहा गया है, हालांकि इजराइल केवल उन आतंकी संगठनों को सूचीबद्ध करता है जो उसकी सीमाओं के भीतर या उसके आसपास या भारत के समान तरीके से उसके खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। या जिन्हें विश्व स्तर पर यूएनएससी या अमेरिकी राज्य विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है। इजरायली रक्षा और विदेश मंत्रालय ने पिछले कुछ महीनों में आतंकवाद से लड़ने में एकजुट वैश्विक मोर्चे के महत्व को उजागर करने के लिए इस तारीख पर लश्कर-ए-तैयबा संगठन को आतंकी सूची में डालने का काम किया है।
चबाड हाउस पर हमले का जिक्र
दो इजरायली नागरिक गैब्रियल होल्ट्जबर्ग और रिव्का होल्ट्जबर्ग मुंबई के चबाड लुबाविच यहूदी केंद्र पर हमले में मारे गए थे। इसे चबाड हाउस के नाम से भी जाना जाता है। यहां हुए आतंकवादी हमले के दौरान छह यहूदी मारे गए एक थे। दूतावास ने लश्कर-ए-तैयबा को सैकड़ों भारतीयों की हत्या के लिए जिम्मेदार एक घातक और क्रूर आतंकवादी संगठन करार देते हुए कहा कि 26 नवंबर, 2008 को इसका जघन्य हमला की गूंज अभी भी सभी शांति चाहने वाले देशों और समाजों में गूंजती हैं।
इजराइल दूतावास ने आतंकवाद के सभी पीड़ितों, जीवित बचे लोगों और मुंबई हमलों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति गंभीर संवेदना व्यक्त की। उसने कहा कि इस जघन्य हमले से प्रभावित इजराइल के लोगों के प्रति एकजुटता जताई है। हम बेहतर शांतिपूर्ण भविष्य की उम्मीद में एकजुट होकर आपके साथ खड़े हैं।
