पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की बड़ी कूटनीतिक सक्रियता,जयशंकर ने ईरान-कतर और UAE से की ताबड़तोड़ बातचीत

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान से अलग-अलग फोन कॉल पर बातचीत की।

Iran War News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका टकराव के बीच भारत ने अपनी राजनयिक सक्रियता तेज कर दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान से अलग-अलग फोन कॉल पर बातचीत की। इस दौरान सभी देशों के नेताओं और राष्ट्र प्रमुखों से उनकी वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति के बारे में विस्तृत तौर पर बातचीत हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है।

Jaishankar

एस जयशंकर

कतर PM से वार्ता का मुख्य फोकस रहा ऊर्जा सप्लाई

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी से वार्ता के दौरान वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान दोनों के बीच गैस सप्लाई चैन के मुद्दे पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। बता दें कि कतर भारत का प्रमुख LNG सप्लायर है, इसलिए होर्मुज संकट का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है।

UAE के विदेश मंत्री से भी चर्चा

इसके बाद जयशंकर ने UAE के विदेश मंत्री से भी स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया की बदलती स्थिति पर विचार-विमर्श हुआ। UAE भी भारत के लिए तेल-गैस आपूर्ति का महत्वपूर्ण स्रोत है।

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