टाइम्स नाउ समिट 2025 में How India can lead Renewable Energy Space सेशन के दौरान उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने खुलकर अपनी बात रखी। बातचीत के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि देश 2030 तक 500 गीगावाट रिन्युएबल एनर्जी कैपेसिटी के टार्गेट को पूरा कर लेगा। यही नहीं उन्होंने कहा कि देश जल्द ही रिन्युएबल एनर्जी के मामले में नंबर एक होगा।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी
प्रहलाद जोशी के प्रश्न पूछा गया कि साल 2030 तक हमने 500 गीगावाट रिन्युएबल एनर्जी कैपेसिटी का टार्गेट रखा है। अभी हम 200 गीगा वाट एनर्जी का उत्पादन कर रहे हैं। 2030 के टार्गेट तक पहुंचने के लिए हमें हर साल कम से कम 50 गीगावाट से अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। क्या आपको लगता है कि हम समय से अपने टार्गेट को पा लेंगे। अभी क्या स्थिति है? इस पर उन्होंने कहा कि हम ऑन ट्रैक हैं। हम 200 नहीं 223 गीगावाट गैर जीवाश्म ईंधन का उत्पादन कर रहे हैं। इसमें 103 गीगावाट सोलर एनर्जी और करीब 50 गीगावाट विंड एनर्जी से उत्पादन हो रहा है।
उन्होंने कहा, मुझे पूरा यकीन है कि हम 2030 तक अपने टार्गेट को पा लेंगे। आज हम रिन्युएबल एनर्जी के प्रोडक्शन के मामले में दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा देश हैं। उन्होंने कहा, 10 साल पहले 2014 में सोलर एनर्जी का उत्पादन 2.82 गीगावाट होता था, आज 10 साल में हम 103 गीगावाट को पार कर गए हैं। देश के उद्योग धंधों को भी समझ में आ गया है कि यह भविष्य का ईंधन है। तकनीक बदल रही है और हम भी लगातार बदलती तकनीक के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन पर भी बात की और कहा कि हम इस तरफ आगे बढ़ रहे हैं। प्रहलाद जोशी ने बताया कि हम रूफ टॉप सोलर से भी 30 गीगावाट एनर्जी की उम्मीद कर रहे हैं। पीएम कुसुम से भविष्य में 34 गीगावाट का उत्पादन होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमारे आकलन से 2032 तक हमारी उर्जा डिमांड डबल होने जा रही है। हम इतने कम समय में कंवेंशनल एनर्जी सोर्स को रिप्लेस तो नहीं कर सकते हैं, लेकिन जल्द ही उर्जा जरूरतों का 50 फीसद रिन्युएबल एनर्जी स्रोतों से आएगा।
रिन्युएबल एनर्जी के लिए फंडिंग के प्रश्न पर उन्होंने कहा, हमने प्राइवेट बैंक, सरकारी बैंक और एनएफसी के बड़े बड़े अधिकारियों के साथ मीटिंग की। हमने उनसे कहा कि अगर आप रिन्युएबल एनर्जी को फंड नहीं करेंगे तो आपके दफ्तर और घर में आने वाली बिजली, गर्मी में एसी, सर्दी हीटर ये सब नहीं चलेंगे। भले आप चाहें या न चाहें, भविष्य में 50 फीसद बिजली रिन्युएबल एनर्जी से आएगी।
