रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान भारत-रूस के बीच कई बेहद अहम करार हुए। हैदराबाद हाउस में 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद दोनों ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित किया। इस दौरान बोलते हुए पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी को शानदार मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दोनों देश भुगतान के लिए नेशनल करेंसी की तरफ बढ़ रहे हैं। हमारे बीच हमारी मुद्राओं में व्यापार होगा।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। फोटो- PTI
गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी से गदगद पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मैं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भारत के प्रधानमंत्री और हमारे सभी भारतीय साथियों को रूसी प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी और मेहमाननवाजी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं कल अपने घर पर डिनर के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देता हूं।
भारत को निर्बाध ईंधन आपूर्ति देते रहेंगे
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत और रूस ने स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।हमारे देश धीरे-धीरे पेमेंट सेटलमेंट के लिए नेशनल करेंसी के इस्तेमाल की तरफ बढ़ रहे हैं। हम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को सालाना 100 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर ले जाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। पुतिन ने यह भी कहा कि हम भारत को बेरोकटोक तरीके से ईंधन की आपूर्ति के लिए तैयार हैं। हम छोटे ‘मॉड्यूलर’ परमाणु रिएक्टर और ‘फ्लोटिंग’ परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण में सहयोग पर भी चर्चा कर सकते हैं।
