भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर सहमति (सीजफायर) बनने के बाद भारतीय सेना ने रविवार को विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की। सेना की ओर से आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में तीनों सेनाओं थल सेना, वायु सेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इन अधिकारियों ने सिलसिलेवार ढंग से सेना की जवाबी कार्रवाई और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और उसकी सेना को पहुंचे नुकसान के बारे में बताया। इस दौरान बताया गया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत 7 मई को की गई सैन्य कार्रवाई में यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद समेत 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अब्दुल रऊफ के अंतिम संस्कार में प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय विधायक और पाकिस्तानी सेना के कई अफसर मौजूद थे।अब इन सबके नाम जारी किए गए हैं।
आतंकी के जनाजे में पाकिस्तानी सेना
ब्रीफिंग का नेतृत्व सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वायु सेना के एयर मार्शल ए.के. भारती और नौसेना के वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने 9 आतंकवादी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की बात कही। इस दौरान जिन आतंकियों को मारा गया, उनमें लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अब्दुल रऊफ भी शामिल था। इसकी मौत पर पाकिस्तानी सेना को गहरा आघात लगा। DGMO ने बताया कि पाकिस्तान के मुरीदके में अब्दुल रऊफ (अमेरिकी-घोषित विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी) के जनाजे की नमाज़े में कई पाकिस्तानी सेना और प्रशासन के कई अधिकारी शामिल थे।
अब्दुल रऊफ के जनाजे में शामिल हुए ये पाकिस्तानी सेना के अधिकारी
- लेफ्टिनेंट जनरल फैयाज हुसैन
- मेजर जनरल राव इमरान
- ब्रिगेडियर मोहम्मद फुरकान
प्रशासन से शामिल हुए ये अधिकारी
- डॉ उस्मान अनवर
- पाकिस्तान पंजाब विधायक
- मलिक सोहैब अहमद
लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख आतंकी रऊफ कश्मीर के विलय की खुलेआम वकालत करने और आत्मघाती हमलावरों की भर्ती और प्रशिक्षण में अपनी भूमिका के लिए जाना जाता था। पूरे राजकीय सम्मान के साथ आयोजित अंतिम संस्कार में उसकी उपस्थिति ने नामित आतंकवादी समूहों के लिए पाकिस्तान के समर्थन की गहराई को रेखांकित किया।
