India Rejects OIC Remark: भारत ने जम्मू-कश्मीर पर ओआईसी कॉन्टैक्ट ग्रुप के संयुक्त बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भारत ने ओआईसी की तथाकथित टिप्पणियों को अनुचित और तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फाइल फोटो)
OIC पर विदेश मंत्रालय का पलटवार
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्ज हिस्से हैं और राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार को बार-बार दोहराने से यह वास्तविकता नहीं बदल सकती।
MEA की OIC को सलाह
भारत ने ओआईसी को पाकिस्तान को ऐसा मंच उपलब्ध कराने के बयान उसे अपनी स्थिति पर विचार करने की सलाह दी, जहां से वह मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार फैलाता है।
PAK को भी लगाई फटकार
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का आतंकवाद को समर्थन और प्रयोजित करने का एक सुस्थापित इतिहास है। उन्होंने कहा कि ओआईसी को पाकिस्तान को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद के निरंतर खतरे का समाधान करने की सलाह देनी चाहिए।
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OIC ने उगला था जहर
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर ओआईसी कॉन्टैक्ट ग्रुप की एक बैठक आयोजित हुई, जहां पर इस ग्रुप ने भारत के आंतरिक मामलों पर जहर उगला था। हालांकि, ओआईसी वही ग्रुप है जिसने बलूचिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) जैसी जगहों पर पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों पर एक शब्द तक नहीं कहा और चुप्पी साधे रखी और अब भारत के आंतरिक मामलों पर जहर उगलने का काम कर रहे हैं। जिसको लेकर भारत ने ओआईसी को मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तान को भी आईना दिखाने का काम किया है।
