नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल (Shishir Khanal) इस समय तीन दिन के भारत दौरे पर हैं। इसी क्रम में दिल्ली पहुंचने के बाद आज विदेश मंत्री एस जयशंकर (S.Jaishankar) ने उनके साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान भारत और नेपाल ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प जताया है।
नेपाली विदेश मंत्री शिशिर खनाल संग जयशंकर
वहीं, विदेश मंत्रालय ने भी इस बैठक के बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने वार्ता के दौरान विकास सहयोग,कनेक्टिविटी,व्यापार और पारगमन, ऊर्जा और जन-जन संबंधों सहित संबंधों के संपूर्ण स्पेक्ट्रम की समीक्षा करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। बता दें कि खनाल की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीमा विवाद पर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की टिप्पणियों से उपजे विवाद के बीच संबंधों को बेहतर बनाना है।
बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता खास है और दोनों देशों के पास संबंधों की पूरी क्षमता को साकार करने का अवसर है। जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस कथन को दोहराया कि भारत दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति और खुशहाली के लिए नेपाल के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच एक विशेष संबंध है, जो सीमा पार संपर्क और साझा सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की मजबूत नींव पर आधारित है।
जयशंकर ने कहा कि यह आपसी विश्वास,सद्भावना और पारस्परिक लाभ पर आधारित है। व्यापार, वाणिज्य, निवेश, ऊर्जा, विकास सहयोग, शिक्षा, आपदा राहत और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में हमारे द्विपक्षीय संबंध लगातार विकसित हुए हैं। स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में भी संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर है।
वहीं, नेपाल के विदेश मंत्री खनाल ने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और नई दिल्ली के साथ सार्थक और उद्देश्यपूर्ण संवाद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत को नेपाल का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच एक परिवर्तनकारी संबंध स्थापित करने का मजबूत संकल्प है।
बैठक के बाद भारत ने 2015 के भूकंप पुनर्निर्माण सहायता कार्यक्रम के तहत निर्मित 72 स्वास्थ्य सुविधाओं और 12 सांस्कृतिक विरासत परियोजनाओं को नेपाल को वर्चुअली सौंपा। साथ ही भारत की यूपीआई और नेपाल की नेशनल पेमेंट इंटरफेस ( National Payments Interface) के बीच लिंक भी लॉन्च किया गया,जिससे दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत धन प्रेषण (रेमिटेंस)आसान होगा।
दोनों पक्षों ने आपराधिक मामलों में भारत-नेपाल पारस्परिक कानूनी सहायता समझौते (MLAA) को लागू करने की प्रक्रिया पूरी होने का स्वागत किया। यह समझौता सीमा-पार अपराधों की जांच और अभियोजन को मजबूत करने में मदद करेगा।
सीमा विवाद की पृष्ठभूमि में अहम मुलाकात
नेपाली विदेश मंत्री खनाल की यह तीन दिवसीय भारत यात्रा ऐसे समय हुई है जब हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के सीमा विवाद पर दिए गए बयानों को लेकर दोनों देशों के बीच चर्चा तेज हुई थी। शाह ने विवाद के समाधान में चीन और यूनाइटेड किंगडम की भूमिका का सुझाव दिया था, जिसे भारत ने खारिज करते हुए कहा कि सीमा संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए दोनों देशों के बीच पहले से स्थापित द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है।
