भारत में पहली बार World Congress of Gastroenterology (WCOG 2026) का आयोजन किया जा रहा है। चार दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा
नड्डा ने कहा कि सरकार अब इलाज के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर भी जोर दे रही है। देश में करीब 1.86 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जहां 30 साल से अधिक उम्र के लोगों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मुंह, स्तन व सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की जा रही है।
1990 से 2023 के बीच भारत में मातृ मृत्यु में 86 फीसदी की कमी आई
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 1990 से 2023 के बीच भारत में मातृ मृत्यु में 86 फीसदी की कमी आई है। इसी अवधि में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु में 79 फीसदी और नवजात मृत्यु में 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई। संस्थागत प्रसव भी 2015-16 के 79 फीसदी से बढ़कर करीब 90 फीसदी हो गया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य कवरेज दिया जा चुका है। योजना में प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। 70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को भी योजना में शामिल किया गया है। अब तक योजना के तहत 13 करोड़ से ज्यादा इलाज किए जा चुके हैं।
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'देश में 20,149 से ज्यादा जन औषधि केंद्र काम कर रहे हैं'
नड्डा ने बताया कि देश में 20,149 से ज्यादा जन औषधि केंद्र काम कर रहे हैं। इन केंद्रों के जरिए सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों के चलते लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिली है। सम्मेलन में दुनिया भर से गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट, सर्जन, शोधकर्ता और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में पाचन तंत्र और लिवर से जुड़ी बीमारियों के इलाज, रिसर्च और नई तकनीक पर चर्चा होगी।
